इन्फ्ल्यूएंज़ा  Influenza

इन्फ्ल्यूएंज़ा  Influenza

 

इन्फ्ल्यूएंज़ा  Influenza

इन्फ्ल्यूएंज़ा, को फ्लू या मौसमी फ्लू भी कहा जाता है। यह एक संक्रमण है, जो नाक, गले और फेफड़ों में शुरू होता है, और पूरे शरीर में फैलता है। फ्लू वायरस खाँसने, छींकने या निकट सम्पर्क से आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल जाता है। फ्लू तब भी फैलता है, जब कोई व्यक्ति फ्लू वायरस वाली सतह या चीज को छू कर आँख, नाक या मुँह को छूता है।

लक्षण  Signs

आपको इन में से कुछ या सारे लक्षण हो सकते हैं

  1. 4° फे. या 38° सें. से अधिक बुख़ार

  2. खाँसी या गल-शोथ

  3. नाक बहना या उसका भरा होना

  4. सिर दर्दdcgyan

  5. अत्यधिक थकान का अनुभव होना

  6. माँसपेशियों में पीड़ा या दर्द

  7. ऊलटी

  8. दस्त

  9. बहुत सर्दी लगना

यदि आपको फ्लू होः If you have the flu:

  1. यदि आपको फ्लू हो, अपने आप को सुरक्षित रखें और फ्लू को फेलने से रोकेंdcgyan

  2. यदि आपके डॉक्टर ने ऐसा कहा हो, तो निदेशानुसार फ्लू की दवा लें। आपके डॉक्टर ने जितने दिन कहा हो उतने दिन तक दवा लें।

  3. यदि आपको दवाओं का मतलीए ऊलटी या ददोरा जैसा कोई दुष्प्रभाव हो तो अपने डॉक्टर के कार्यालय या हैल्थ क्लिनिक को फोन करें।

  4. बुख़ार कम करने के लिए एसिटामिनोफेन जिसे टायलेनोल भी कहा जाता है, या इब्युप्रोफेन, जिसे मोट्रिन या एडविल भी कहा जाता है, लें। दवा कितनी लेनी चाहिए और कितनी बार लेनी चाहिए यह जानने के लिए लेबल पढ़ने में मदद माँगें।

  5. आप की तबियत बेहतर हो तब तक आवश्यकतानुसार खाँसी और बेहती नाक के लिए बिना प्रिस्क्रिप्शन की दवा लें। दवा कितनी और कितनी बार लेनी है यह मात्रा लेबल से पढ़ने के लिए मदद माँगें।

  6. अच्छी तरह से आराम करें।

  7. प्रतिदिन कम से कम 8 से 10 गिलास पानी, शोरबा या गेटोरेड या पॉवरेड जैसे तरल पदार्थ पीएं।

यदि आपको ऊलटी या दस्त होः

  1. खूब सारे तरल पदार्थ पिएं। दिन भर छोटी – छोटी चुस्कियाँ लेते रहें ताकि मतली कम हो।

  2. टोस्ट, चावल, क्रैकर्स, एपलसॉस, केले या कम शक्कर वाले सूखे अनाज खाएं।

  3. साँस लेना आसान बनाने के लिए किसी कूल मिस्ट ह्युमिडिफायर का प्रयोग करें। ह्युमिडिफायर्स को साफ रखने के लिए हररोज साबुन और गुनगुने पानी से धोया जाना चाहिए।

  4. फ्लू को फैलने से रोकने के लिए अन्य लोगों से संभव उतना दूर रहें।

  5. बार-बार अपने हाथ किसी अल्कोहॉल आधारित सैनिटाइज़र से धोएं।

  6. अपने कंधे अथवा बांह के सामने मुँह लाकर खाँसें अथवा छींकें, हाथ में नहीं। यदि आप के पास टिशू हो, तो खाँसते या छींकते समय अपना मुँह और नाक टिशू से ढकें। फिर टिशू को फेंक दें तथा अपने हाथों को साफ करें।

अपने डॉक्टर को फौरन फोन करें यदि आपको ये हों

  1. सीने में दर्द या पीले या हरे बलगम वाली गहरी खाँसी।

  2. साँस लेने में परेशानी। फ्लू के कारण न्युमोनिया भी हो सकता है।

  3. गर्दन में तीव्र दर्द या जकड़न।

  4. ठीक से सोचने में परेशानी।

  5. 3 से 4 दिन से ज्यादा समय तक बुख़ार या आपका तापमान 100.4° फे. अथवा 38° सें. से अधिक हो।

  6. ऐसा बुख़ार जो दवा लेने के बाद भी बढ़ता जाए।

  7. ऊलटी या दस्त, जो एक दिन से ज्यादा चले।

  8. कान में दर्द।

  9. खाँसी जो बंद न हो और साँस लेने में तकलीफ।मौसमी फ्लू का टीका

अपने डॉक्टर से आपको हर साल मौसमी फ्लू का टीका लगाने की आवश्यकता है या नहीं इसके बारे में बात करे।

यदि आपको अण्डों से एलर्जी हो या आपको पहले फ्लू के टीके से एलर्जिक प्रतिक्रिया हो चुकी हो, तो फ्लू का टीका न लगवाएं।

फ्लू के टीके से फ्लू नहीं हो सकता। संभव है कि आपको टीके से हाथ पर जलन या हल्के बुख़ार और मांसपेशियों में दर्द जैसा कोई हल्का दुष्प्रभाव हो।

फ्लू का टीका कब और कहाँ लगवाएं यह जानने के लिए अपने डॉक्टर या स्थानीय स्वास्थ्य क्लिनिक से संपर्क करें।

यदि आपका कोई प्रश्न या शंका हो, तो अपने चिकित्सक या नर्स से पूछें।

Talk to your doctor or nurse if you have any questions or concerns.

 

 

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