एक्जिमा (खुजली) के लक्षण, कारण, घरेलू इलाज और परहेज

एक्जिमा (खुजली) के लक्षण, कारण, घरेलू इलाज और परहेज

(Home remedies for Eczema or Itching)

 इस आर्टिकल में हम एक्जिमा के बारे में जानेगे कि एक्जिमा  क्या है  इसके लक्षण और कारन क्या हैं , इसके १८ घरेलु उपचार और इसमें किया जाने वाला परहेज क्या है  

एक्जिमा एक तरह की त्वचा संबंधी समस्या है, जिसका असर आपकी त्वचा पर होता है। इसमें आपको खुजली, त्वचा पर लाल निशान और सूजन जैसी समस्या हो सकती हैं। यह रोग त्वचा में नमी के कम होने से हो सकता है। इसकी वजह से त्वचा में खुजली और जलन होने लगती है। अधिक खुजलाने पर त्वचा छिल भी सकती है, जो घाव के रूप में परिवर्तित होकर एक्जिमा को बढ़ावा दे सकती हैं।

एक्जिमा क्या है?

एक्जिमा होने की स्थिति में, त्वचा पर लाल पैच, सूजन, खुजली, त्वचा फटी और खुरदरे हो जाती हैं. कुछ लोगों में फफोले विकसित होते हैं. डर्मेटाइटिस स्किन की इंफ्लेमेटरी स्थिति है.

अधिकांश शिशुओं के लिए, यह स्थिति उनके दसवें वर्ष में बढ़ जाती है, जबकि कुछ लोगों के जीवन भर लक्षण जारी रहते हैं. उचित उपचार वाले लोग बीमारी पर अच्छा नियंत्रण रख सकते हैं. एक्जिमा के साथ रहना वास्तव में चुनौतीपूर्ण है और यह हल्के, मध्यम से गंभीर तक हो सकता है.

आमतौर पर लोग ऐलोपैथिक दवाओं से एक्जिमा का इलाज करने की कोशिश करते हैं, लेकिन अक्सर ऐसा देखा जाता है कि एलोपैथिक दवाओं से एक्जिमा का पूरी तरह उपचार नहीं हो पाता है।

एक्जिमा के लक्षण क्या हैं?

यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि एक्जिमा और इसके लक्षण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अलग हो सकते हैं. एक्जिमा के कुछ सामान्य लक्षण हैं:

  1. सबसे पहले लक्षण में तेज खुजली होना है

  2. बाद में, दाने लालिमा के साथ दिखाई देते है, विभिन्न आकारों के धक्कों के साथ विकसित होता है

  3. खुजली होने से जलन हो सकती है, विशेष रूप से पलकें जैसी पतली त्वचा में

  4. खरोंच लगने पर यह उगलना शुरू कर सकता है और क्रस्टी बन सकता है

  5. लंबे समय तक रगड़ने से वयस्कों में त्वचा में गाढ़ा सजीले टुकड़े हो जाते हैं

  6. समय के साथ, दर्दनाक दरारें दिखाई दे सकती हैं

  7. खोपड़ी की समस्या शायद ही कभी शामिल हो सकती है

  8. पलकें खुजली, फुंसी और लाल होना है

  9. खुजली सनसनी नींद पैटर्न को परेशान कर सकती है

  10. दाद के रूप में फंगल इन्फेक्शन, दाद और मोलस्कम इन्फेक्शन जैसे वायरल इन्फेक्शन एक्जिमा वाले लोगों में अधिक आम लक्षण हैं

एक्जिमा के कारण – Causes of Eczema Hindi

एक्जिमा होने के कई कारण होते हैं। ऐसा ज्यादातर त्वचा में पोषक तत्वों की कमी के वजह से उत्पन्न होता है।

  1. आनुवंशिक– एक्जिमा की समस्या आनुवंशिक हो सकती है। अगर यह बीमारी किसी व्यक्ति को है, तो इसका असर उसकी संतान पर भी नजर आ सकता है।

  2. जीन में परिवर्तन से– मनुष्य के जीन में परिवर्तन होने से भी एक्जिमा की समस्या हो सकती है।

  3. त्वचा में जलन से– यह रोग त्वचा में जलन से भी हो सकता है। कभी-कभी कपड़े ,साबुन, परफ्यूम और रसायन युक्त वस्तुओं को इस्तेमाल करने से जलन होने लगती हैं। बाद में इससे एक्जिमा हो सकता है।

  4. मौसम में परिवर्तन– मौसम में परिवर्तन भी एक्जिमा का कारण हो सकता है। तापमान बढ़ने से आपकी त्वचा रूखी हो जाती है, जिससे एक्जिमा हो सकता है।

  5. त्वचा में नमी की कमी से– त्वचा में नमी की कमी से भी एक्जिमा बीमारी हो सकता है, क्योंकि इस कारण खुजली होने का खतरा बढ़ जाता है।

  6. जानवरों की रूसी के कारण भी यह बीमारी हो सकती है।

  7. धूल के कणों से भी एक्जिमा की समस्या हो सकती है।

  8. कई बार एलर्जी का कारण बनने वाले खाद्य पदार्थों से भी एक्जिमा हो सकता है।dcgyan

एक्जिमा का घरेलू इलाज करने के लिए उपाय (Home Remedies for Eczema or Itching in Hindi)

आप इन उपायों से एक्जिमा का घरेलू इलाज (eczema ka ilaj)कर सकते हैंः-

1.एलोवेरा

 सामग्री :-  एलोवेरा का पत्ता

कैसे करें इस्तेमाल :

  • एलोवेरा के पत्ते से जेल को निकाल लें।

  • जेल को एक्जिमा प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।

कितने बार करें :-  जल्दी प्रभाव के लिए प्रतिदिन लगाएं।

कैसे है लाभदायक :-  एलोवेरा की सहायता से आप घर में ही एक्जिमा का इलाज कर सकते हैं। इसका जेल आपको ठंडक के साथ-साथ खुजली की समस्या से भी राहत दिला सकता है। इस प्रकार एक्जिमा से छुटकारा पाया जा सकता है ।

2.नारियल तेल

सामग्री :- थोड़ा-सा नारियल का तेल

कैसे करें इस्तेमाल :

  • शरीर में एक्जिमा वाले स्थान पर नारियल का तेल लगाएँ। इससे खुजली एवं लालिमा से राहत (home remedies for eczema) मिलती है।

  • नारियल तेल में कच्चे कपूर को अच्छी प्रकार मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगाएँ। एक्जिमा के घरेलू उपाय में नारियल तेल का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है।

  • बेहतर परिणाम के लिए पूरी रात लगे रहने दें।

कितने बार करें :- हर रात को सोने से पहले इसे लगाएं।

कैसे है लाभदायक :-  नारियल के तेल में प्राकृतिक रूप से एंटीबैक्टीरियल व एंटीइंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं। नारियल तेल की यह विशेषता आपको त्वचा संबंधी बीमारियों से छुटकारा दिला सकती है और उन्हीं बीमारियों में से एक एक्जिमा भी है। इसे त्वचा पर लगाने से बैक्टीरिया के प्रभाव को कम किया जा सकता है ।

3.शहद से एक्जिमा का इलाज

सामग्री :

  • 2 चम्मच शहद

  • 2 चम्मच दालचीनी

कैसे करें उपयोग :

  • शहद और दालचीनी को अच्छी तरह से मिलाकर पेस्ट बना लें।

  • फिर एक्जिमा प्रभावित जगह को पानी से धोकर सुखा लें।

  • इसके बाद पेस्ट को लगाकर सूखने के लिए छोड़ दें।

  • जब पेस्ट सूख जाए, तो पानी से धो लें।

कैसे है लाभदायक :-  स्वाद में मीठे शहद का उपयोग बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए भी किया जाता है। एक्जिमा के लिए शहद कारगर इलाज साबित हो सकता है। शहद में एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जो घाव को भरने में मदद करते हैं । वहीं, दालचीनी में भी एंटीऑक्सीडेंट व एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो एक्जिमा जैसी त्वचा संबंधी समस्या से राहत दिला सकते हैं ।

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4.लैवेंडर तेल

सामग्री :

  • लैवेंडर तेल की कुछ बूंदें

  • कॉटन बॉल

कैसे करें इस्तेमाल :

  • आप अपने नहाने के पानी में लैवेंडर के तेल की कुछ बूंदें मिक्स करें, फिर इस पानी से नहाएं।

  • इसके अलावा, कॉटन बॉल की मदद से इस तेल को प्रभावित जगह पर लगा सकते हैं।

कितने बार करें :

  • इसका इस्तेमाल एक दिन छोड़कर किया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

इस तेल का इस्तेमाल एक्जिमा के ट्रीटमेंट के लिए किया जा सकता है। इसके इस्तेमाल से त्वचा में जलन को कम किया जा सकता है। साथ ही खुजली व लाल रैशेज की समस्या से भी निजात पाया जा सकता है। वैज्ञानिक अध्ययन में इसकी पुष्टि की गई है कि लैवेंडर तेल का इस्तेमाल करने से एक्जिमा के कारण होने वाली खुजली व दर्द को कम किया जा सकता है ।

5.जोजोबा तेल

सामग्री :

  • जोजोबा ऑयल की कुछ बूंदें

  • अन्य एसेंशियल ऑयल की कुछ बूंदें

कैसे करें इस्तेमाल :

  • आप जोजोबा ऑयल को सीधे त्वचा पर लगा सकते हैं।

  • आप इसे अन्य एसेंशियल ऑयल में मिक्स करके भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

कितने बार करें :

  • दिन में एक बार उपयोग कर सकते है।

कैसे है लाभदायक :

जोजोबा ऑयल का इस्तेमाल त्वचा से जुड़ी विभिन्न समस्याओं में किया जा सकता है। इस तेल में कुछ खास गुण होते हैं, जिसके कारण यह त्वचा में आसानी से अवशोषित हो जाता है। साथ ही इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होता है, जिस कारण यह एक्जिमा के कारण होने वाले दुष्प्रभाव को कम कर सकता है ।

6.हल्दी

सामग्री :

  • थोड़ा-सा हल्दी पाउडर

  • पानी

  • दूध

  • गुलाब जल

कैसे करें उपयोग :

  • हल्दी पाउडर को पानी में मिलकर पेस्ट बना लें।

  • पेस्ट में दूध या फिर गुलाब जल मिलकर एक्जिमा प्रभावित जगह पर लगा लें।

  • कुछ समय तक इसे सूखने दें और फिर पानी से धो लें।

कितनी बार करे :

  • आप इसे हफ्ते में 4 बार लगा सकते हैं।

कैसे है लाभदायक :

कई वर्षों से हल्दी को आयुर्वेदिक दवाई के रूप में रोग मुक्त व खूबसूरत त्वचा के लिए उपयोग किया जा रहा है। हल्दी में करक्यूमिन नामक खास तत्व पाया जाता है, जो एंटीसेप्टिक, एंटीइंफ्लेमेटरी व एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। हल्दी से घाव को भरने में मदद मिलती है। साथ ही त्वचा संबंधी एलर्जी का भी इलाज किया जा सकता है ।

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7.मछली का तेल  :-  मछली के तेल में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। एक वैज्ञानिक शोध से पता चला है कि अगर इसका सेवन बचपन से किया जाए, तो एक्जिमा से बचा जा सकता है। ऐसा इसलिए संभव हैं, क्योंकि इसमें एन-3 पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड होता है । इसलिए, आप अपने बच्चे को साल्मन जैसी फैटी फिश खाने को दे सकते हैं। इसकी जगह आप डॉक्टर की सलाह पर मछली के तेल से बने सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं।

8.अलसी का तेल

सामग्री:

  • 1 चम्मच नींबू का रस

  • 1 चम्मच अलसी का तेल

कैसे करें :

  • नींबू के रस और अलसी के तेल को मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें।

  • फिर इसे एक्जिमा प्रभावित जगह पर लगाएं।

  • कुछ समय तक सूखने दें और फिर पानी से धो लें।

कितने बार करें :

  • जल्दी परिणाम के लिए दिन में कम से कम एक बार तो जरूर उपयोग करें।

कैसे है लाभदायक :

अलसी के तेल को आयुर्वेदिक दवाई की तरह भी इस्तेमाल किया जाता है। यह एक्जिमा के उपचार में कारगर है। इसके इस्तेमाल से त्वचा में हो रही जलन कम होती है, रूखापन कम होता है और त्वचा हाइड्रेट रहती है। वैज्ञानिक अध्ययन में भी पाया गया है कि प्रतिदिन अलसी इस्तेमाल करने से त्वचा संबंधी रोगों को दूर किया जा सकता है।

9.नीम का उपयोग

सामग्री :

  • नीम के तेल की 10-12 बूंदें

  • एक चौथाई जैतून का तेल

कैसे करें इस्तेमाल :

  • इन दोनों सामग्रियों को आपस में मिला लें।

  • फिर इसे प्रभावित जगह पर लगाएं।

कितने बार करें :

  • प्रतिदिन इसका उपयोग करें ।

कैसे है लाभदायक :

नीम में एंटीसेप्टिक, एंटीबायोटिक व एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। इन सभी गुणों के कारण ही नीम त्वचा से जुड़ी विभिन्न बीमारियों के लिए कारगर है। नीम से न सिर्फ त्वचा की बाहरी समस्या को ठीक हो सकती है, बल्कि इसके सेवन से अंदरूनी बीमारियों को भी ठीक किया जा सकता है। नीम शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया को पूरी तरह खत्म कर सकती है ।

10.ओटमील

सामग्री :

  • थोड़ा-सा ओटमील

  • पानी (आवश्यकतानुसार)

कैसे करें इस्तेमाल :

  • ओटमील को पानी में मिलाकर पेस्ट बना लें।

  • इसके बाद पेस्ट को प्रभावित जगह पर लगाकर हल्के-हल्के हाथों से दो मिनट तक स्क्रब करें।

  • फिर इसे करीब 20 मिनट के लिए छोड़ दें और बाद में पानी से साफ कर लें।

कितने बार करें :

  • इस प्रक्रिया को आप सप्ताह में तीन बार कर सकते हैं।

कैसे है लाभदायक :

ओटमील को पहले सिर्फ भोजन के रूप में उपयोग किया जाता था, लेकिन अब इसका उपयोग औषधि की तरह भी होने लगा है। ओटमील के इस्तेमाल से सूजन की समस्या को कम किया जा सकता है। साथ ही यह त्वचा को नर्म बनाता है ।

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11.मुलेठी

सामग्री :

  • मुलेठी की जड़ का चूर्ण

  • पानी (आवश्यकतानुसार)

कैसे करें इस्तेमाल :

  • मुलेठी के जड़ से बने चूर्ण को पानी में मिक्स करके पेस्ट बना लें।

  • फिर इस पेस्ट को प्रभावित जगह पर लगाएं।

कैसे है लाभदायक :

मुलेठी में एंटीसेप्टिक व एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। एक्जिमा के इलाज के लिए इसे वर्षों से आयुर्वेदिक औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है ।

12.प्रोबायोटिक्स  :- प्रोबायोटिक्स का उपयोग शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होता है। इससे शरीर को लाभ पहुंचाने वाले बैक्टीरिया उत्पन्न होते हैं, जो एक्जिमा की समस्या को दूर रखते हैं। खासकर, बच्चों में इसका फायदा प्रभावी रूप से देखा गया है । एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, प्रोबायोटिक्स का उपयोग गर्भावस्था में भी एक्जिमा को दूर रखने के लिए सहायक हो सकता है ।

13.ब्लीच स्नान

सामग्री :-

  • आधा कप ब्लीच

  • गुनगुने पानी से भरा बाथ टब

कैसे करें इस्तेमाल :-

  • गुनगुने पानी से भरे बाथ टब में आधा कप ब्लीच को मिक्स करें।

  • प्रभावित क्षेत्र को कम से कम 10 मिनट के लिए इसमें भिगोएं।

कितने बार करें :-    हफ्ते में 3 बार तक कर सकते हैं।

कैसे है लाभदायक :-   ब्लीच स्नान एक्जिमा के लिए प्रभावकारी घरेलू उपचार है। यह आपको बीमारी से राहत पहुंचाता है और एक्जिमा के प्रभाव को कम करता है। ब्लीच स्नान को एटोपिक एक्जिमा की सूजन को कम करने के लिए एक उपचार के रूप में माना गया है ।

14.तुलसी  :-  तुलसी में मौजूद एंटी-माइक्रोबियल (Anti-microbial) गुण त्वचा को संक्रमण से छुटकारा दिलाता है, और खुजली और जलन को शान्त करता है। तुलसी की चाय पिएँ। इसके साथ ही तुलसी के पत्तों का रस निकालकर प्रभावित स्थान पर लगाएँ। कुछ देर लगे रहने के बाद पानी से धो लें।

15.त्रिफला और गिलोय  :-  त्रिफला और गिलोय की छाल को लेकर दो गिलास पानी में उबालें। जब यह उबलकर आधा रह जाय, तब इसमें एक नींबू का रस मिला लें। इसे दिन में तीन बार पिएँ। एक महीने तक इसका लगातार सेवन करने से एक्जिमा रोग से छुटकारा(eczema treatment in hindi) मिल जाता है।

16.एक्जिमा में बबूल से लाभ :-   बबूल के फूलों को पीसकर एक्जिमा पर लेप करें। यह बहुत फायदेमंद नुस्खा है।

17.थूहर :- थूहर के डण्डे को कूट कर खाने बाले तेल में पकायें। जब थूहर पूरी तरह जल जाये तो छान लें। ठण्डा होने पर शीशी में भर लें। नीम की पत्तियां डालकर खौलायें और पानी से त्वचा को साफ कर लें। रुई से रोज 3-4 बार इस तेल का प्रयोग करें। इससे पुराने से पुराना रोग एक सप्ताह में ही खत्म हो जाएगा।

18.ब्राह्मी :-  ब्राह्मी एक्जिमा के उपचार के लिए एक अच्छा हर्ब है। इस जड़ीबूटी के नियमित उपयोग से त्वचा की सूजन, लालिमा और खुजली से छुटकारा मिलता है। उपयोग के लिए 5 ब्राह्मी के पत्तों को पानी में उबाल कर पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पेस्ट को एक्जिमा से प्रभावित क्षेत्र पर लगा कर 20 मिनट के लिए छोड़ दें। ऐसा आप सप्ताह में तीन बार करें।
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एक्जमा के दौरान आपकी जीवनशैली ( Lifestyle during Eczema Disease)

एक्जमा (eczema in hindi)के दौरान आपकी जीवनशैली ऐसी होनी चाहिएः-

  1. गर्म पानी से नहाने की बजाय ठण्डे पानी से नहाएँ।

  2. अगर गर्म पानी से नहाना हो तो अधिक देर तक ना नहाएँ, क्योंकि इससे त्वचा का सूखापन बढ़ सकता है।

  3. केवल सूती कपड़े ही पहनें। गर्म एवं ऊनी कपड़े पहनने से बचें। इनसे खुजली की समस्या और बढ़ सकती है।

एक्जिमा में परहेज (Precaution tips for Eczema Disease)

एक्जिमा (eczema in hindi) होने पर ये परहेज करना चाहिएः-

  1. त्वचा पर कठोर साबुन या कैमिकल युक्त चीजों का प्रयोग ना करें।

  2. तनाव से दूर रहें। अत्यधिक तनाव लेना एक्जिमा के लक्षणों को और बढ़ावा देता है।

  3. अत्यधिक गर्मी और सर्दी से त्वचा को बचाएँ। बहुत तेज धूप में त्वचा को कपड़े से ढक कर रखें।

  4. ऐसे खाद्य पदार्थ जिनसे एलर्जी होने का खतरा रहता है जैसे- नट्स, सोया उत्पाद और गेहूँ आदि का सेवन ना करें।

  5. इसके अलावा जो खाद्य पदार्थ आपके एक्जिमा को बढ़ाते हैं उनका सेवन बिल्कुल ना  करें।

हम आशा करते हैं इस आर्टिकल से आपको एक्जिमा से जुड़े सवालों के जवाब मिल चुके होंगे। अगर अभी भी आपके मन में कोई उलझन है, तो आप उसे कमेंट के जरिए हम तक पहुंचा सकते हैं। इस आर्टिकल  को देखने, शेयर व लाइक करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यबाद ,

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