किडनी रोग (गुर्दे की बीमारी) – Kidney Diseases in Hindi

किडनी रोग (गुर्दे की बीमारी) – Kidney Diseases in Hindi

किडनी हमारे शरीर का एक महत्‍वपूर्ण अंग है जिसके बिना जीवन संभव नहीं है। क्‍योंकि किडनी हमारे शरीर के वेस्ट पदार्थो को छान कर, इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करने और हॉर्मोन बनाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। किडनी का प्रमुख काम आपके द्वारा लिए गए तरल पदार्थों से अशुद्धियों को दूर कर पोषक तत्‍वों को अवशोषित करना है।

किडनी की बीमारी क्या है?

गुर्दे संबंधी कई प्रकार के रोगों के समूह को किडनी की बीमारी कहा जाता है। जब किडनी किसी कारण से क्षतिग्रस्त हो जाती है, काम करना बंद कर देती है या ठीक तरीके से काम नहीं कर पाती, तो इस स्थिति को किडनी की बीमारी कहा जाता है। जब किडनी की बीमारी हो जाती है, तो किडनी प्रभावी रूप से अपशिष्ट द्रव को शरीर से बाहर नहीं निकाल पाती जिससे शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन भी खराब हो जाता है। शरीर में अपशिष्ट द्रव जमा होने से शरीर की केमिस्ट्री (शरीर में मौजूद रसायनों का संतुलन) खराब हो जाती है, जिससे आपको शरीर में कुछ प्रकार के लक्षण महसूस होने लगते हैं और कुछ प्रकार के लक्षण गायब हो जाते हैं।

किडनी की बीमारी में कई रोग शामिल हैं, जैसे किडनी की पथरी, किडनी का कैंसर, किडनी की सूजन, पॉलिसिस्टिक किडनी डिजीज और मूत्र पथ में संक्रमण आदि।

यदि आपको डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या परिवार में पहले किसी को किडनी संबंधी बीमारी हैं, तो आप में किडनी संबंधी रोग होने की संभावनाएं ज्यादा हैं।
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किडनी रोग (गुर्दे की बीमारी) के लक्षण – Kidney Diseases Symptoms in Hindi

(गुर्दे की बीमारी) किडनी संबंधी समस्याओं से जुड़े कुछ आम लक्षण, जिनमें निम्न शामिल हो सकते हैं:

  1. आंखों, हाथों और पैरों में सूजन होना |

  2. हाई ब्लड प्रेशर |

  3. सांस फूलना |

  4. त्वचा में लगातार खुजली महसूस होना |

  5. मुंह का स्वाद बिगड़ना |

  6. मुंह से बदबू आना |

  7. शरीर का वजन कम होना |

  8. नींद ना आना |

  9. मांसपेशियां कमजोर होना |

  10. ध्यान लगाने में कठिनाई |

  11. मांसपेशियों में मरोड़ |

  12. मांसपेशियों में ऐंठन |

  13. त्वचा में हल्के पीले व ब्राउन रंग के निशान (या दाग) बनना |

  14. धुंधले या गहरे ब्राउन रंग का पेशाब आना |

  15. थकान |

  16. भूख कम लगना |

  17. त्वचा में सूखापन होना |

  18. त्वचा पर पपड़ी बनना |

  19. अधिक प्यास लगना |

  20. सोने में कठिनाई |

  21. पेशाब की मात्रा व समय में बदलाव |

  22. शरीर में द्रव जमा होना |

  23. एनीमिया |

  24. सेक्स ड्राइव (कामेच्छा) कम होना |

  25. नपुंसकता |

  26. स्लीप एप्निया |

  27. मतली और उल्टी |
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किडनी रोग (गुर्दे की बीमारी) के कारण – Kidney Diseases Causes in Hindi

  1. किसी प्रकार की नशीली दवा, गंभीर इन्फेक्शन या किसी रेडियोएक्टिव डाई के कारण किडनी के ऊतक क्षतिग्रस्त होना |

  2. मूत्र को किडनी से बाहर ले जाने वाले रास्ते में रुकावट आ जाना (उदाहरण के लिए गुर्दे की पथरी) |

  3. हाई ब्लड प्रेशर के कारण किडनी से जुड़ी रक्त वाहिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाना |

  4. डायबिटीज की एक जटिलता के रूप में किडनी क्षतिग्रस्त होना, इस स्थिति को डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है।

  5. किसी रोग या प्रतिरक्षा प्रणाली संबंधित समस्या के कारण किडनी के ऊतक क्षतिग्रस्त होना, इस स्थिति को ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस कहा जाता है।

  6. किडनी में सिस्ट बनना, इस रोग को पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज कहा जाता है।

  7. किडनी या मूत्र प्रणाली में जन्म से ही किसी प्रकार की असामान्यता होना।

गुर्दे संबंधी अन्य विकार –

  1. किडनी स्टोन, गुर्दे या मूत्रवाहिनी में पथरी होना |

  2. पाइलोनेफ्रिटिस (Pyelonephritis), गुर्दे में अचानक से गंभीर संक्रमण होना और मवाद बनना |

  3. नेफ्राइटिस |

  4. नेफ्रोटिक सिंड्रोम |

  5. यूरीमिया |

  6. पेशाब में खून आना |

  7. गुर्दे का कैंसर |

  8. मूत्र प्रणाली में रुकावट |

  9. मूत्र पथ में संक्रमण |

  10. रिफ्लक्स न्यूरोपैथी |
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किडनी की बीमारी होने का खतरा कब बढ़ता है?

ऐसी स्थितियों से जुड़े लोगों में किडनी की बीमारी होने के जोखिम बढ़ जाते हैं: जैसे

  1. वृद्ध लोग |

  2. सिगरेट पीने वाले लोग |

  3. मोटापे से ग्रस्त |

  4. सिरोसिस या लिवर खराब होना |

  5. किडनी में खून की सप्लाई करने वाली धमनी संकुचित होना |

  6. हृदय रोग |

  7. हाई ब्लड प्रेशर |

  8. परिवार के अन्य सदस्यों का किडनी संबंधी रोगों से पहले से ही ग्रस्त होना |

किडनी रोग (गुर्दे की बीमारी) से बचाव – Prevention of Kidney Diseases in Hindi

(गुर्दे की बीमारी) किडनी की बीमारी की रोकथाम कैसे करें?

यदि आपके डॉक्टर आपको  यह बताते  हैं कि आपका डायबिटीज या ब्लड प्रेशर बढ़ गया है, तो उसे कंट्रोल करने की कोशिश करें। हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज समय के साथ-साथ आपकी किडनी को क्षतिग्रस्त कर देते हैं, इनको सामान्य स्तर पर रख कर किडनी क्षतिग्रस्त होने से रोकथाम की जा सकती है।

किडनी की बीमारी से बचाव करने के लिए कुछ सामान्य उपाय भी कर सकते हैं:-

  1. पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पीएं,

  2. आपकी किडनी को प्रभावित करने वाली चीजों का विशेष रूप से ध्यान रखें। यदि आपकी किडनी क्षतिग्रस्त होने के जोखिम अधिक हैं, तो आपको नियमित रूप से अपनी किडनी की जांच करवाते रहना चाहिए।

  3. शरीर के वजन का ध्यान रखें, शरीर का सामान्य से अधिक वजन होने से डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसे जोखिम बढ़ जाते है जिसके परिणामस्वरूप किडनी क्षतिग्रस्त होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

  4. नियमित रूप से व्यायाम करते रहें, ऐसी चीजें करें जिससे आपका तनाव कम होता है और आपको रिलैक्स महसूस होता है।

  5. स्वस्थ भोजन खाएं, फलों व सब्जियों से भरपूर भोजन खाना जिसमें नमक, मीठा और वसा की मात्रा कम हो, ये आहार किडनी के स्वास्थ्य के लिए बहुत बेहतर रहता है।

  6. धूम्रपान ना करें, सिगरेट पीना आपकी किडनी को क्षतिग्रस्त कर सकता है शराब छोड़ दें, अल्कोहल का सेवन करने से लीवर के साथ-साथ किडनी पर भी काफी बुरा असर पड़ता है।
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किडनी रोग (गुर्दे की बीमारी) में परहेज़ – What to avoid during Kidney Diseases in Hindi?

गुर्दे के रोग में क्या परहेज करने चाहिए?

किडनी की बीमारी के मरीजों को इन खाद्य पदार्थों से परहेज करने चाहिए:

  1. आलू |

  2. अचार |

  3. ब्राउन राइस |

  4. डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ |

  5. साबुत अनाज के ब्रैड |

  6. खजूर |

  7. सोफ्ट ड्रिंक |

  8. केला |

  9. अत्यधिक डेयरी उत्पाद |

  10. टमाटर |

  11. संतरा व संतरे का रस |

  12. पालक |
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किडनी रोग (गुर्दे की बीमारी) में क्या खाना चाहिए? – What to eat during Kidney Diseases in Hindi?

(गुर्दे की बीमारी) किडनी की बीमारी में क्या खाना चाहिए?

किडनी को स्वस्थ रखने के लिए विशेष प्रकार के आहार खाने चाहिए। ऐसा करने से आपके शरीर में कुछ निश्चित प्रकार के मिनरल नहीं बन पाते। यदि आप किडनी की बीमारी से ग्रस्त हैं, तो साथ ही साथ आपको यह भी ध्यान रखना पड़ता है कि प्रोटीन, कैलोरी, विटामिन और मिनरल आदि को सही मात्रा में ले रहे हैं या नहीं।  घर पर बना भोजन ही खाएं, क्योंकि ज्यादातर प्रकार के फास्ट फूड में अधिक मात्रा में सोडियम पाया जाता हैdcgyan

नमक की जगह पर नए मसाले व अन्य जड़ी-बूटीयों का इस्तेमाल करें

अपने रोजाना के आहार में इन को भी शामिल करें:

  1. करौंदा |

  2. स्ट्रॉबेरी |

  3. अंडे का सफेद वाला हिस्सा |

  4. मछली |

  5. प्याज |

  6. सेब |

  7. जैतून का तेल (ऑलिव ऑयल) |

  8. लाल शिमला मिर्च |

  9. पत्ता गोभी |

  10. फूलगोभी |

  11. लहसुन |

डॉक्टर आपको कुछ विशेष प्रकार के विटामिन व मिनरल आदि को निश्चित मात्रा में लेने को भी कह सकते हैं, जैसे कैल्शियम और विटामिन डी आदि।

हम आशा करते हैं इस आर्टिकल से आपको  किडनी रोग से जुड़े सवालों के जवाब मिल चुके होंगे। अगर अभी भी आपके मन में कोई उलझन है, तो आप उसे कमेंट के जरिए हम तक पहुंचा सकते हैं। इस आर्टिकल  को देखने, शेयर व लाइक करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यबाद ,

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