कोलोन और मलाशय का कैंसर ,  Cancer of the Colon and Rectum

कोलोन , मलाशय, कैंसर , Cancer , Colon , Rectum, कोलोन,वृहदांत्र,बड़ी आंत ,

 

कोलोन और मलाशय का कैंसर , Cancer of the Colon and Rectum

कोलोन को वृहदांत्र या बड़ी आंत भी कहा जाता है। यह पाचन तंत्र का निचला 1.5 – 1.8 मीटर (5 से 6 फुट) हिस्सा होता है। कोलोन का अंतिम 20 – 25 सैं.मी (8 से 10 इंच) वाला हिस्सा मलाशय होता है। कोलोन का कैंसर, जिसे कभी-कभी कोलोरेक्टल कैंसर भी कहा जाता है, ऐसा कैंसर है जो बड़ी आंत या मलाशय में शुरू होता है। कैंसर वाली कोशिकाएं असामान्य कोशिकाएं होती हैं। कैंसर वाली कोशिकाएं स्वस्थ कोशिकाओं की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ती और विभाजित होती हैं। कैंसर वाली कुछ कोशिकाओं के कारण शरीर के किसी अंग में वृद्धि भी हो सकती है जिसे ट्यूमर कहा जाता है। सभी ट्यूमरों का आकार बढ़ता है, लेकिन कुछ ट्यूमर तेजी से बढ़ते हैं जबकि अन्य धीरे-धीरे बढ़ते हैं। कैंसर वाली कुछ कोशिकाएं रक्त और लसिका तंत्रों के जरिए शरीर के अन्य हिस्सों तक भी फैल सकती हैं।

Advertisements

Advertisements

कोलोन और मलाशय का कैंसर के लक्षण   Signs 

कोलोन और मलाशय के कैंसर(Cancer of the Colon and Rectum) के अक्सर कोई लक्षण नहीं होते हैं। यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण हो तो अपने डॉक्टर को दिखाए:-

  1. मल में गहरा या चमकदार लाल खून आना

  2. दस्त या कब्ज जो दूर न होता हो या शौच की आदतों में अन्य बदलाव आना

  3. उदर के निचले भाग में दर्द

  4. बिना किसी कारण के वजन कम होना

  5. थकान या ऊर्जा की कमी महसूस करना

  6. कुछ दिनों से अधिक समय से मल सामान्य से कहीं कम मोटाई में हो रहा हो। यह मलाशय में ट्यूमर के होने के कारण हो सकता है।ट्यूमर के प्रकारकोलोन या मलाशय में पाए जाने वाले ट्यूमर हानिरहित (बेनाइन) या कैंसर वाले (मैलिग्नैंट) हो सकते हैं।

  7. हानिरहित ट्यूमर शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैलते हैं। इन्हें शल्यक्रिया द्वारा हटाया जा सकता है। सिस्ट ऐसे हानिरहित ट्यूमर होते हैं जिनमें द्रव भरा होता है।

  8. कैंसरवाले ट्यूमर नजदीकी ऊतकों, अंगों या रक्त में फैल सकते हैं।

Advertisements

आपकी देखभाल Your Care

परीक्षण  Tests

यदि आपका डॉक्टर सोचता है कि आपको कैंसर होने का खतरा हो सकता है, तो आपको इन परीक्षणों में से कुछ कराने पड़ सकते हैं:

  1. शारीरिक जांच(Physical exam) के साथ मलाशय परीक्षण किया जाता है जिसमें डॉक्टर गांठों को महसूस करने के लिए चिकनाई वाले दस्ताने पहनकर उंगली भीतर डालता है।

  2. सिग्मोयडोस्कोपी(Sigmoidoscopy) में मलाशय में एक पतली, लचीली ट्यूब डाली जाती है ताकि डॉक्टर कोलोन के निचले हिस्से के भीतर देख सके।

  3. कोलोनोस्कोपी(Colonoscopy) में मलाशय में एक पतली, लचीली ट्यूब डाली जाती है ताकि डॉक्टर कोलोन की पूरी लंबाई में देख सके।

  4. परीक्षण के लिए ऊतकों के नमूने निकाले जाते हैं, जिसे बायोप्सी(biopsy) कहा जाता है।

  5. बेरियम एनीमा(Barium enema) में मलाशय के भीतर तरल बेरियम और हवा डाली जाती है ताकि एक्स-रे में कोलोन को देखा जा सके।

  6. रक्त की हानि की जांच करने और लिवर कितनी अच्छी तरह काम कर रहा है यह जांचने के लिए रक्त परीक्षण(Blood tests) किए जाते हैं।

Advertisements

यदि ट्यूमर पाए जाते हैं, तो आपका डॉक्टर यह देखने के लिए कि क्या कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों तक फैला है या नहीं एक्स-रे, सीटी स्कैन और अन्य प्रकार के रक्त परीक्षण कराने के आदेश दे सकता है।

उपचार Treatment

आपके सारे परीक्षण पूरे हो जाने के बाद, आपका डॉक्टर आपसे उन उपचारों के बारे में बात करेगा जो आपके लिए सर्वोत्तम हैं।

उपचार में निम्न शामिल हो सकते हैं:-

शल्यक्रिया(Surgery ) द्वारा ट्यूमर को निकालना। इस प्रकार की शल्यक्रिया ट्यूमर की स्थिति और आकार पर निर्भर करती है। अक्सर, कोलोन के कैंसरग्रस्त हिस्से को निकाल दिया जाता है।

  1. विकिरण थेरेपी(Radiation therapy) द्वारा कैंसर की वृद्धि को रोकना या धीमा करना। इसका प्रयोग अक्सर शल्यक्रिया के बाद भी बचे रह सकने वाली कैंसर वाली कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए किया जाता है।

  2. कीमोथेरेपी(Chemotherapy) दवाएं कैंसर वाली कोशिकाओं को समाप्त करती हैं। ये दवाएं कैंसर का उपचार करने के लिए मुंह से, किसी मांसपेशी या नस में इंजेक्शन द्वारा, या प्रभावित अंग में प्रत्यक्ष रूप से दी जाती हैं। ये दवाएं कैंसर वाली कोशिकाओं को समाप्त करने में सहायता करती हैं।

  3. इम्यूनोथेरेपी(Immunotherapy) को बायोथेरेपी भी कहा जा सकता है। इस उपचार में शरीर के प्रतिरोधक तंत्र द्वारा बनाए जाने वाले प्राकृतिक पदार्थों का प्रयोग किया जाता है। यह कैंसर वाली कोशिकाओं को समाप्त करता है, उनकी वृद्धि को ध्ाीमा करता है या कैंसर से बेहतर ढंग से लड़ने में प्रतिरोध्ाक तंत्र की सहायता करता है। इसका प्रयोग कैंसर के अन्य उपचारों के दुष्प्रभावों को कम करने में भी किया जा सकता है।

आपके एक या एक से अधिक कैंसर के उपचार हो सकते हैं। कुछ रोगियों की शल्यक्रिया के बाद विकिरण थेरेपी या कीमोथेरेपी की जाती है।

Advertisements

फॉलोअप देखभाल  Follow-up Care

अपने डॉक्टर से नियमित समय पर मुलाकात करना महत्वपूर्ण है। इन मुलाकातों में होने वाली आपकी देखभाल में रक्त परीक्षण, सीटी स्कैन, छाती के एक्स-रे या अन्य परीक्षण शामिल हैं। कोई समस्या होने पर मुलाकातों के बीच अपने डॉक्टर को सूचित करें।

यदि आपके कोई प्रश्न या चिंताएं हों तो अपने डॉक्टर या नर्स से बात करें।

Talk to your doctor or nurse if you have any questions or concerns.

Tags:

फेफड़ों का कैंसर के लक्षण,गुदाद्वार में कैंसर के लक्षण,बवासीर कैंसर में बदल सकते हैं,मलाशय के रोग,कोलन क्या है,लिम्फोमा,रक्त का कैंसर के लक्षण,फेफड़ों का कैंसर,मैलेनोमा,बड़ी आंत का कैंसर,पेट के कैंसर के प्रारंभिक चेतावनी के संकेत,पेट की सफाई कैसे करे,गुदाद्वार में सूजन,ग्रंथि कैंसर,कैंसर की स्थित में,मरने का प्रोस्टेट कैंसर के संकेत,पित्ताशय की थैली के कैंसर,मुख्यमंत्री कैंसर राहत कोष,व्रणीय बृहदांत्र शोथ के उपचार,

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *