गर्भावस्था में अनार क्यों खाना? || Why eat Pomegranate in pregnancy? garbhaavastha mein Anar kyon khaana

गर्भावस्था में अनार क्यों खाना? || Why eat Pomegranate in pregnancy? || garbhaavastha mein Anar kyon khaana

गर्भावस्था के समय जो आहार आप ग्रहण करते हैं, उसका असर धीरे-धीरे विकसित हो रहे भ्रूण पर भी पड़ता है। इसलिए, प्रेगनेंसी के दौरान खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। यहां अनार एक अहम भूमिका निभा सकता है, अनार स्वास्थ्य की दृष्टि से वैसे भी सुपरफूड माना जाता है. अनार में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स होते हैं, जो कैंसर (Cancer) और दिल की गंभीर (Heart Disease) बीमारियों से भी बचा सकते हैं. इसके अलावा अनार में फ्लैवेनॉइन, फेनॉलिक्स और विटामिन सी पाया जाता है. अनार फाइबर, विटामिन के,सी, और बी, आइरन, पोटेशियम, जिंक और ओमेगा-6 फैटी एसिड जैसे गुणों से भरपूर होता है. अनार में काफी मात्रा में पोटेशियम भी होता है जो डिलिवरी के दौरान होने वाले दर्द को कम करता है और प्री-मेच्योर डिलिवरी के खतरे को कम करता है.गर्भावस्था के दौरान महिला को कई तरह के खाद्य पदार्थों के सेवन की सलाह दी जाती है, इन्हीं में फलों का सेवन भी शामिल है। अब कौन-सा फल खाना चाहिए और कौन-सा नहीं, इसको लेकर कई गर्भवती महिलाओं में संशय रहता है। अगर आप के मन में कुछ क्वेश्चन हैं जैसे-

 क्या गर्भवस्था में अनार खाना सुरक्षित है?

प्रेगनेंसी में अनार और अनार जूस के क्या  फायदे है ?

गर्भवस्था के दौरान एक दिन में कितने अनार खाना उचित है?

प्रेगनेंसी में एक दिन में कितने गिलास अनार का जूस पीना चाहिए?

प्रेगनेंसी में अनार और अनार के जूस का सेवन कब करना चाहिए?

क्या प्रेगनेंसी में अनार खाने के कुछ नुकसान हैं?

गर्भवस्था में अनार खाते वक्त  किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

आहार में अनार को कैसे शामिल करैं ?

तो इस लेख में आपको इन सभी संकाओ का समाधान हो जायेगा

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 चलिए, सबसे पहले यह जान लेते हैं कि क्या गर्भावस्था में अनार खाना सुरक्षित है या नहीं?

जी हां, गर्भावस्था के दौरान अनार का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल, अनार में अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो गर्भनाल को सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं। इसमें मौजूद फोलेट शिशु जन्म दोष (मस्तिष्क और रीढ़ के हड्डियों से संबंधित समस्या) के विरुद्ध लड़ने का काम कर सकता है। इसके अलावा, अनार रक्त को साफ करने के साथ-साथ यूरिनरी संक्रमण की समस्या और शरीर के प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद कर सकता है । फिर भी इसके उपयोग से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें। ध्यान रहे कि इनका सेवन सीमित मात्रा में किया जाए।

गर्भावस्था में अनारखाने के फायदे

अनार एक गुणकारी फल है और गर्भावस्था के दौरान इसके सेवन से कई लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं,

आइए, अब जानते हैं कि प्रेगनेंसी में अनार खाने और अनार जूस के बेमिसाल फायदे

  1. एनर्जी के लिए : गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को उसके भ्रूण, प्लेसेंटा और टिश्यू के लिए पर्याप्त एनर्जी की जरूरत होती है। अगर पर्याप्त ऊर्जा प्राप्त न हो, तो इससे गर्भवती और उसके होने वाले शिशु को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं । ऐसे में पर्याप्त ऊर्जा की पूर्ति के लिए अनारजूस का सेवन किया जा सकता है, क्योंकि इसमें कई तरह के पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं, जो गर्भवती और उनके होने वाले शिशु के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

  2. उल्टी को कम करना : गर्भावस्था के दौरान होने वाली उल्टी को कम करने के लिए अनार का सेवन फायदेमंद हो सकता है। एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, अनार प्रेगनेंसी के दौरान मतली और लगातार हो रही उल्टी की स्थिति को ठीक करने का काम कर सकता है ।aalubukhara

  3. स्वस्थ ह्रदय के लिए : गर्भावस्था के दौरान फोलेट युक्त आहार का सेवन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, फोलेट जन्‍मजात ह्रदय रोग से बचाव का काम कर सकता है। इसलिए, डॉक्टर भी गर्भवती महिलाओं को फोलेट से समृद्ध आहार खाने की सलाह देते हैं।Heart Attack

  4. भ्रूण के मस्तिष्क की रक्षा : गर्भावस्था के दौरान अनार का सेवन भ्रूण के मस्तिष्क की सुरक्षा का काम कर सकता है। एक वैज्ञाानिक शोध के अनुसार, अनार न्यूरोप्रोटेक्टिव सुरक्षा देकर फेटल ब्रेन इंजरी (fetal brain injury) के जोखिम को कम कर सकता है।

  5. गर्भावस्था की जटिलताओं को रोकना : अनार का सेवन गर्भावस्था के दौरान कई जटिलताओं को दूर करने का काम कर सकता है। इसमें, समय से पहले प्रसव से बचाव, ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करना और रक्तचाप को नियंत्रित करना शामिल है।

  6. उच्च रक्तचाप को कम करने के लिए : गर्भावस्था के दौरान अनार का जूस प्रीक्लेम्पसिया (उच्च रक्तचाप विकार) पर प्रभावी असर दिखा सकता है। दरअसल, अनार एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है, जो प्रीक्लेम्पसिया की स्थिति को ठीक करने काम कर सकता है। इससे गर्भ में मौजूद शिशु को किसी प्रकार की हानि से बचाने में सहायता मिलती है।

  7. विटामिन सी की पूर्ति के लिए :विटामिन सी से भरपूर होने के कारण यह मां के इम्यून सिस्टम यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने का काम करता है। इसके सेवन से गर्भवती महिला और भ्रूण दोनों में ही बीमारियों का जोखिम कम हो सकता है और वो सेहतमंद हो सकते हैं ।  इसके अलावा यह शरीर में आयरन और जिंक की मात्रा का स्तर बनाए रखने में भी मदद करता है.
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  8. पानी की संतुलित मात्रा को बनाए रखने के लिए : गर्भावस्था में किसी कीमत पर शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए. इस दौरान ये आवश्यक है कि गर्भवती महिला पर्याप्त मात्रा में पानी पीती रहे. ऐसे में अनार का सेवन करने से शरीर को कुछ मात्रा में पानी तो मिलता है ही, साथ ही यह फ्लुइड में सोडियम और पोटैशियम की मात्रा को भी संतुलित बनाए रखता है.

  9. फोलिक एसिड के लिए :गर्भवती महिला के लिए फोलिक एसिड जरूरी होता है, क्योंकि फोलिक एसिड मां के स्वास्थ्य और भ्रूण के विकास में सहायक भूमिका निभाता है। ये रेड ब्लड सेल्स के निर्माण के लिए उपयोगी होता है. साथ ही ये नई कोशिकाओं (सेल्स) के निर्माण को भी प्रोत्साहित करता है|  इससे शिशु को न्यूरल ट्यूब जैसे जन्म दोष (शिशु के मस्तिष्क और रीढ़ से जुड़े दोष) से बचाया जा सकता है। ऐसे में अगर पर्याप्त मात्रा में फोलिक एसिड चाहिए, तो अनारजूस का सेवन लाभकारी हो सकता है। अनारजूस को फोलिक एसिड का अच्छा स्रोत माना जाता है। ऐसे में गर्भवती महिला के लिए अनार का जूस अच्छा विकल्प हो सकता है ।बॉडी के ये 10 ऑर्गन्स

  10. किडनी के स्टोन के उपचार के लिए :  गर्भावस्था में नियमित रूप से अनार का सेवन करने से यूरीन का पीएच स्तर बढ़ सकता है. ऐसे में किडनी के स्टोन के उपचार के लिए भी इसका सेवन किया जाना बेहद फायदेमंद होता है|

  11. कैल्शियम की पूर्ति के लिए :गर्भावस्था के दौरान कैल्शियम गर्भवती के लिए जरूरी है। इससे गर्भवती महिला और उसके होने वाले शिशु का कई तरह के बीमारियों से बचाव हो सकता है। साथ ही कैल्शियम से हड्डियों की भी समस्या का जोखिम कम हो सकता है । ऐसे में गर्भावस्था में कैल्शियम की पूर्ति के लिए अनार जूस का सेवन किया जा सकता है, क्योंकि इसमें कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा मौजूद होती है ।

  12. तनाव दूर करने में सहायक : अनार खाने से तनाव दूर होता है. दरअसल इसमें पोटैशियम की पर्याप्त मात्रा होती है जिसके चलते ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है. ऐसे में गर्भवती महिलाओं को तनाव से दूर रखने के लिए उन्हें अनार खाने की सलाह दी जाती है |

  13. आयरन की पूर्ति के लिए :आयरन की जरूरत को पूरा करने के लिए भी अनारजूस के फायदे देखे जा सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान आयरन की आवश्यकता बढ़ जाती है, क्योंकि भ्रूण को सही विकास के लिए आयरन की जरूरत होती है, जो उसे मां से प्राप्त होती है । इसलिए, गर्भवती महिला पर्याप्त आयरन पाने के लिए अनारजूस का सेवन कर सकती है, क्योंकि अनार में आयरन मौजूद होता है ।khoon nali

  14. एनीमिया को ठीक करने में : एनीमिया एक ऐसी मेडिकल कंडीशन है, जिसमें आपका खून शरीर में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा नहीं पहुंचा पाता है । एक शोध के अनुसार, अगर गर्भवती महिला आयरन के साथ-साथ विटामिन सी का भी सेवन करें, तो एनीमिया का जोखिम काफी हद तक कम हो सकता है । ऐसे में गर्भवती महिला अपनी डाइट में अनार के जूस को शामिल कर सकती हैं, क्योंकि अनार में आयरन की मात्रा पाई जाती है, जो लाल रक्त कोशिकाओं के विकास में मदद कर सकता है। जो लाभकारी साबित हो सकता है।

  15. जिंक की पूर्ति के लिए : अनारजूस में जिंक की भी मात्रा पाई जाती है। गर्भावस्था के दौरान जिंक भी गर्भवती महिला और उसके होने वाले शिशु को स्वस्थ रहने में अहम भूमिका निभाता है।dcgyan

  16. इम्यून सिस्टम को बढ़ाने के लिए : गर्भावस्था के दौरान अनार का सेवन आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकता है, क्योंकि अनार में विटामिन सी मौजूद होता है, साथ ही अनार रक्त को साफ कर और शरीर में बैक्टीरिया को दूर करके रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर कर सकता है ।dast

  17. कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए : अनार में पर्याप्त मात्रा में डाइटरी फाइबर्स पाए जाते हैं, जिससे कब्ज की समस्या नहीं होती है. गर्भावस्था में कब्ज की समस्या हो जाना एक आम समस्या है. अगर आपके घर में भी किसी गर्भवती महिला को यह समस्या हो तो आप उसे अनार खाने की सलाह दे सकते हैं|

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आइए, अब जानते हैं कि एक दिन में गर्भवती महिला को कितने अनार का सेवन करना चाहिए

गर्भास्वस्था के दौरान आप एक दिन में एक अनार का सेवन कर सकती हैं । यानिकि करीब 80 से 125 gram  अनार का सेवन कर सकती हैं। हो सके तो इस मात्रा को दिन में दो बार लें

आइए, अब जानते हैं कि एक दिन में कितने गिलास अनार का जूस पीना चाहिए।

गर्भास्वस्था के दौरान आप एक दिन में एक अनार का जूस यानिकि करीब 150 से 180ml  मिली लीटर अनार का जूस का सेवन कर सकती हैं । इस बारे में आप एक बार डॉक्टर से भी राय ले सकती हैं, क्योंकि हर किसी की गर्भावस्था एक जैसी नहीं होती है। इसी कारण से सभी की खाने की मात्रा की जरूरत अलग होती हैं।

आइए, अब जानते हैं कि प्रेगनेंसी में अनार और अनारजूस का सेवन कब करना चाहिए।

अनार का सेवन गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित है और इसकी सीमित मात्रा का सेवन आप सुबह और शाम नाश्ते में कर सकते हैं। क्योंकि  मीठे अनार  की  तासीर  शीतल  होती  है |
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आइए, अब जानते हैं कि प्रेगनेंसी में अनार खाने से क्या नुकसान हो सकते हैं।

जिस प्रकार हर चीज के फायदे होते हैं, उसी प्रकार नुकसान भी हैं। ध्यान रहे कि कुछ विशेष परिस्थितियों में ही अनार का सेवन हानिकारक साबित हो सकता है, अनार के दुष्प्रभाव के संबंध में कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है, इसलिए हम आम धारणा के अनुसार इससे होने वाली हानियों के बारे में बता रहे हैं।

  • जिन्हें खांसी या इंफ्लुएंजा है, उन्हें अनार नहीं देना चाहिए।

  • कुछ लोगों को अनार खाने से एलर्जी हो सकती है। ऐसे लोगों को अनार के सेवन से शरीर पर रैशेज, चेहरे पर सूजन, सांस लेने में कठिनाई आदि समस्या हो सकती है।

  • अनार में अधिक मात्रा में कैलोरी होती है। अगर आप कम कैलोरी वाली डाइट ले रहे हैं, तो अनार का सेवन न करें।

  • अधिक मात्रा में अनार खाने से पेट में गैस बन सकती है।

  • कुछ दवाइयां ऐसी होती हैं, जिनके साथ अनार का सेवन करने से नुकसान हो सकता है।

  • अगर कोई कम रक्तचाप की दवा ले रहा हैं, तो अनार का सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर से जरूर पूछ लें। कम रक्तचाप वालों को अनार का जूस पीने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे पीने से रक्तचाप और कम हो सकता है।

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आइए, अब जानते हैं कि प्रेगनेंसी में अनार के सेवन से जुड़ी कुछ खास बातों को भी ध्यान में रखना जरूरी है,

खानपान की दृष्टि से हम अनार को तीन भागों में बाँट सकते हैं १.  मीठे अनार २. खटे मीठे अनार 3 . खटे अनार

 गर्भावस्था में मीठे अनारों का चयन करना चाहिए ,मीठे अनार ही गर्भावस्था में लाभप्रद होते हैं,

आइए, अब जानते हैं कि आहार में अनार को कैसे शामिल करैं ?

अब हम आपको गर्भावस्था के समय अनार खाने को लेकर कुछ टिप्स बताएंगे। जो आपके और आपके आने वाले शिशु के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

  • अनार का जूस बनाकर पिया जा सकता है।

  • इसको स्नैक के रूप में खा सकते हैं।

  • अगर आप घर में कस्टर्ड, केक या आइस्क्रीम बनाते हैं, तो उसमें अनार के दाने डाल सकते हैं। इससे व्यंजन का स्वाद और बढ़ जाएगा।

  • फलों के सलाद में अनार के दानों को मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं।

  • अनार का मिल्कशेक बनाकर भी सेवन किया जा सकता है।

गर्भावस्था में फलों का सेवन आवश्यक होता है, क्योंकि सप्लीमेंट्स के मुकाबले फल अधिक पौष्टिक तत्वों से भरपूर होते हैं और अनार भी उन्हीं फलों में से एक है। इसका संतुलित मात्रा में अगर सेवन किया जाए, तो यह गुणों का खजाना हो सकता है। हम आशा करते हैं इस वीडियो से आपको गर्भावस्था के दौरान अनार खाने से जुड़े सवालों के जवाब मिल चुके होंगे। अगर अभी भी आपके मन में कोई उलझन है, तो आप उसे कमेंट के जरिए हम तक पहुंचा सकते हैं। www.dcgyan.com के इस लेख को देखने, शेयर व लाइक करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यबाद ,

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