गर्भावस्था से जुड़े अंधविश्वास

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गर्भावस्था से जुड़े अंधविश्वास  

गर्भधारण करने के पहले दिन से लेकर बच्चे के जन्म तक मां के स्वास्थ और बच्चे के विकास दोनों को ही पर्याप्त देखभाल की आवश्यकता होती है। गर्भावस्था के समय माता के साथ साथ पिता भी बहुत उत्साहित होते हैं लेकिन कुछ बातों को लेकर बेहद परेशान भी रहते हैं। कि वे कैसे मां और बच्चे का उचित ध्यान रख सकें। इसी उत्साह और चिंता के चलते लोग बहुत सारे अंधविश्वासों से ख़ुद को घेर लेते हैं, न चाहते हुए भी गर्भवती स्त्रियां गर्भावस्था से जुड़े अंधविश्वास मानती हैं, क्योंकि अगर ऐसा नहीं किया तो कुछ अनर्थ न हो जाए इस बात का डर सदैव सताने लगता है। आज हम देश विदेशों में प्रचलित गर्भावस्था से जुड़े अंधविश्वास जानेंगे।

गर्भावस्था से जुड़े अंधविश्वास का साया  , क्या आप भी गर्भावस्था में इन अंधविश्वासों को मानती हैं?

भारत में गर्भावस्था से जुड़े अंधविश्वास

किसी भी गर्भवती महिला को…

 

  1. घर या कमरे की दहलीज़ पर नहीं बैठना चाहिए, इससे बच्चे का सिर बड़ा हो जाता है।

  2. गर्भावस्था के समय मां को बाल और नाखून नहीं काटने चाहिए वरना बच्चे के बाल और नाखून नहीं होंगे।

  3. आठवें और नौवें महीने में नदी नहीं पार करनी चाहिए।

  4. घर से बाहर जाते व सोते समय अपने पास चाकू व माचिस रखनी चाहिए, उससे बुरी आत्मा का बच्चे पर प्रभाव नहीं पड़ता है।           

  5. उल्लू की आवाज़ नहीं सुननी चाहिए अन्यथा बच्चा डरपोक पैदा होता है।

  6. काली चीज़ों का सेवन नहीं करना चाहिए जैसे काली उड़द, काले अंगूर, काला जामुन आदि अन्यथा बच्चा काला होगा।

  7. नारियल खाने से पुत्र प्राति होती है।

  8. रात में कही बाहर अकेले नहीं जाना चाहिए, इससे बुरी आत्मा का असर पड़ सकता है।

  9. सूर्य ग्रहण के समय या चंद्र ग्रहण के समय चाकू छूरी आदि से काम नहीं करना चाहिए, इससे बच्चे के शरीर का अंगभंग हो जाता है।

  10. ग्रहण के समय कोई काम नहीं करना चाहिए, बस सीधे खड़े होकर चलना चाहिए और भगवान का ध्यान करना चाहिए।

  11. बाहर जाते समय सदैव नीम रखनी चाहिए ताकि बुरी बलाओं से रक्षा हो सके।

 

विदेशों में गर्भावस्था से जुड़े अंधविश्वास

किसी भी गर्भवती महिला को…

 

  1. कब्रिस्तान नहीं जाना चाहिए, इससे बच्चा मरा हुआ पैदा होगा।

  2. भोजन करते समय छूरी काँटे का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, इससे बच्चे की आंखें धसी हुई होंगी।

  3. किसी खंभे के पास नहीं जाना चाहिए अन्यथा डिलीवरी समय से पूर्व हो जाती हैं।

  4. गर्भावस्था में दर्द के समय अपने पति के चप्पल यानि स्लीपर्स पहनने चाहिए, इससे पीड़ा में राहत मिलती है।

  5. कपड़े धुलकर टब को उसी समय उल्टा रखना चाहिए, इससे प्रसव आसान हो जाता है।

  6. कमर पर बैल्ट या नाड़ा नहीं बांधना चाहिए, इससे बच्चे का दम घुट जायेगा।

गर्भावस्था में इतने ही नहीं बल्कि और भी कई अंधविश्वास माने जाते हैं, लेकिन इन अंधविश्वासों का वास्तविक जीवन में कोई महत्व नहीं हैं। मेडिकल साइंस तथा कुछ विशेषज्ञों के अनुसार ये सारी बाते अंधविश्वास से भरी हुई हैं। इस दौरान केवल मां और बच्चे का भरपूर ध्यान रखना चाहिए। ताकि मां और बच्चे दोनों स्वस्थ रहें और आपके घर एक नन्हा मेहमान ढेर सारी खुशियां लेकर आए। मां को तनाव रहित माहौल में रखना चाहिए।

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