प्रेगनेंसी में आंवलाऔर आंवले के जूस क्यों खाना चाहिए या नहीं ? Why eat Amla in pregnancy?

गर्भावस्था में आंवला क्यों खाना चाहिए या नहीं ?

गर्भावस्था में आंवला खाने के फायदे – Why eat Amla in pregnancy?

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गर्भावस्था में खान -पान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है, विशेष कर शुरू के तीन महीने में , गर्भावस्था में अक्सर खट्टी चीजें खाने का मन करता है, लेकिन कौन-से खट्टे खाद्य पदार्थ शरीर के लिए लाभदायक होंगे, इसको लेकर हमेशा उलझन बनी रहती है। वैसे तो गर्भावस्था में कई खट्टे फलों का सेवन किया जा सकता है, लेकिन पोषक तत्वों से भरपूर आंवले की बात ही कुछ और है।  गर्भावस्था के दौरान महिला को कई तरह के खाद्य पदार्थों के सेवन की सलाह दी जाती है, इन्हीं में फलों का सेवन भी शामिल है। अब कौन-सा फल खाना चाहिए और कौन-सा नहीं, इसको लेकर कई गर्भवती महिलाओं में संशय रहता है। अगर आप के मन में कुछ सवाल हैं जैसे-

 क्या गर्भवस्था में आंवला खाना (Amla in pregnancy) सुरक्षित है?

प्रेगनेंसी में आंवले और आंवले जूस के क्या  फायदे है ?

गर्भवस्था के दौरान एक दिन में कितने आंवले खाना उचित है?

प्रेगनेंसी में एक दिन में कितने गिलास आंवले का जूस पीना चाहिए?

प्रेगनेंसी में आंवलाऔर आंवले के जूस का सेवन कब करना चाहिए?

क्या प्रेगनेंसी में आंवला (Amla in pregnancy) खाने के कुछ नुकसान हैं?

गर्भवस्था में आंवला खाते वक्त  किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

आहार में आंवला को कैसे शामिल करैं ?

तो इस लेख में आपको इन सभी संकाओ का समाधान हो जायेगा

सबसे पहले आइए जान लेते हैं कि आंवला क्या होता है।

 आंवला एक गुणकारी सिट्रस फल है, जिसका इस्तेमाल कारगर आयुर्वेदिक दवा के रूप में प्राचीन समय से किया जा रहा है। इसका वैज्ञानिक नाम फेलेंथस एम्ब्लिका (Phyllanthus emblica) है। स्वाद में खट्टा होने की वजह से इसे गर्भावस्था में खाने की इच्छा हो सकती है, लेकिन जानकारी के अभाव में कई बार गर्भवतियां इसका सेवन नहीं करती हैं।

 चलिए,  यह जान लेते हैं कि क्या गर्भावस्था में आंवला खाना सुरक्षित है या नहीं?

जी हां, गर्भावस्था में आंवला (Amla in pregnancy) खाना सुरक्षित होता है। दरअसल, गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को खून की कमी (एनीमिया) हो सकती है। ऐसे में विटामिन-सी और आयरन से भरपूर आंवले का सेवन शरीर के लिए अच्छा माना जाता है। आयरन लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाता है और इसमें मौजूद विटामिन-सी शरीर में आयरन के अवशोषण (Absorption) को बढ़ावा देता है। इसलिए, प्रेग्नेंसी में आंवले का सेवन किया जा सकता है।
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आइए, अब जानते हैं कि प्रेगनेंसी में आंवले खाने और आंवले जूस के बेमिसाल फायदे

  1. एनर्जी के लिए : गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को उसके भ्रूण, प्लेसेंटा और टिश्यू के लिए पर्याप्त एनर्जी की जरूरत होती है। गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों में मॉर्निंग सिकनेस भी एक है। इस दौरान गर्भवती सुबह के समय काफी कमजोरी महसूस करती है। इसका असर दिन भर रह सकता है। ऐसे में आंवले का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि यह शरीर में ऊर्जा बढ़ाता है और थकावट को दूर कर मॉर्निंग सिकनेस को कम करने में मदद करता है।

  2. मानसिक शक्ति बढ़ने में मददगार : आंवला मस्तिष्क को कायाकल्प करती है और स्मृति में सुधार करती है क्योंकि यह समृद्ध स्रोत है। एंटीऑक्सिडेंट्स और विटामिन सी जो नोरपेनेफ्रिन (न्यूरोट्रांसमीटर) का उत्पादन बढ़ाता है। मनोदशा और मस्तिष्क की गतिविधि को बढ़ाता है। यह अनिद्रा जैसे विकारों का इलाज करता है और तनाव से राहत प्रदान करता है।sir dard

  3. पाचन के लिए :- आंवले का नियमित सेवन गर्भवती को पाचन समस्याओं जैसे गैस, अपच व खट्टी डकार से निजात दिलाने में मदद करता है। दरअसल, आंवला गैस्ट्रिक जूस को उत्तेजित करता है, जिससे भोजन अच्छे से पचता है।dcgyan

  4. ब्लड प्यूरिफाई :- आंवले में रक्त की विषाक्तता को दूर कर इसे प्यूरिफाई करने के गुण पाए जाते हैं। दरअसल, आंवले के सेवन से पारा (Mercury) और सीसा (Lead) के हानिकारक प्रभाव दूर होते हैं। साथ ही यह भ्रूण के लिए ऑक्सीजन और रक्त की पूर्ति में भी सहायक माना जाता है। इसके अलावा, आंवला आपके शरीर में मौजूद अन्य विषाक्त पदार्थों और कणों को भी निकालने में मदद करता है।khoon nali

  5. विटामिन सी की पूर्ति के लिए :विटामिन सी से भरपूर होने के कारण यह मां के इम्यून सिस्टम यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने का काम करता है। इसके सेवन से गर्भवती महिला और भ्रूण दोनों में ही बीमारियों का जोखिम कम हो सकता है और वो सेहतमंद हो सकते हैं ।  इसके अलावा यह शरीर में आयरन और जिंक की मात्रा का स्तर बनाए रखने में भी मदद करता है.

  6. पानी की संतुलित मात्रा को बनाए रखने के लिए : गर्भावस्था में किसी कीमत पर शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए. इस दौरान ये आवश्यक है कि गर्भवती महिला पर्याप्त मात्रा में पानी पीती रहे. ऐसे में आंवले का सेवन करने से शरीर को कुछ मात्रा में पानी तो मिलता है ही, साथ ही यह फ्लुइड में सोडियम और पोटैशियम की मात्रा को भी संतुलित बनाए रखता है.

  7. फोलिक एसिड के लिए :गर्भवती महिला के लिए फोलिक एसिड जरूरी होता है, क्योंकि फोलिक एसिड मां के स्वास्थ्य और भ्रूण के विकास में सहायक भूमिका निभाता है।
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  8. मूत्रवर्धक गतिविधि (Diuretic activity) के लिए :फल होने के अलावा, आंवला में पानी बहुत अधिक होता है। आंवला प्रकृति में थोड़ा मूत्रवर्धक है। इसका मतलब है कि यह आवृत्ति और पेशाब की मात्रा को बढ़ाता है। पेशाब हमारे शरीर में अवांछित विषाक्त पदार्थों और पानी, लवण और यूरिक एसिड के अतिरिक्त स्तर को खत्म करने में मदद करती है। इसके अलावा, यह आपका वजन कम करने में मदद कर सकती है चूंकि मूत्र का 4% तक, वास्तव में वसा से बना होता है। इसलिए, हमारे गुर्दे को स्वस्थ रखने और मूत्र संक्रमण और गर्भाशय में संक्रमण को रोकने के लिए एक मूत्रवर्धक पदार्थ हमेशा आवश्यक होता है। आंवला ऐसा करने का एक शानदार तरीका है।

  9. किडनी के स्टोन के उपचार के लिए : गर्भावस्था में नियमित रूप से आंवले का सेवन करने से यूरीन का पीएच स्तर बढ़ सकता है. ऐसे में किडनी के स्टोन के उपचार के लिए भी इसका सेवन किया जाना बेहद फायदेमंद होता है|

  10. कैल्शियम की पूर्ति के लिए :गर्भावस्था के दौरान कैल्शियम गर्भवती के लिए जरूरी है।आप कैल्शियम से भरपूर आंवले का नियमित सेवन करके हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रख सकती हैं। गर्भावस्था के दौरान आपके शरीर में मौजूद कैल्शियम से ही भ्रूण के दांतों और हड्डियों का विकास होता है। इसलिए, भ्रूण के विकास के लिए पर्याप्त कैल्शियम लेना जरूरी है, जिसकी पूर्ति आंवले के जरिए हो सकती है।

  11. सूजन के लिए भी फायदेमंद:- आंवला में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो गर्भावस्था के दौरान हाथ-पैरों में होने वाली सूजन को कम करने में मदद करते हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान सबसे ज्यादा सूजन पैरों में आती है. यह समस्या भी रोजाना आंवले के सेवन से दूर हो जाती है.

  12. प्रीमैच्योर डिलिवरी की संभावना भी कम करता है :– आंवले को रोजाना सेवन करने से प्री-मैच्योर डिलिवरी की संभावना भी बहुत कम रहती है.
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  13. तनाव दूर करने में सहायक : आंवला खाने से तनाव दूर होता है. दरअसल इसमें पोटैशियम की पर्याप्त मात्रा होती है जिसके चलते ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है. ऐसे में गर्भवती महिलाओं को तनाव से दूर रखने के लिए उन्हें आंवला खाने की सलाह दी जाती है |

  14. हृदय रोग (Keeps Heart Healthy) :- आंवला हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करता है,  इसलिए पूरे शरीर में हृदय को आसानी से रक्त पंप करता है। अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल निर्माण को कम करके, क्रोमियम वाहिकाओं और धमनियों में एथेरोस्लेरोसिस या पट्टिका के निर्माण की संभावना कम कर सकता है। इससे स्ट्रोक और दिल के दौरे की संभावना कम हो सकती है।dil,hurt

  15. आयरन की पूर्ति के लिए :आयरन की जरूरत को पूरा करने के लिए भी आंवले के फायदे देखे जा सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान आयरन की आवश्यकता बढ़ जाती है, क्योंकि भ्रूण को सही विकास के लिए आयरन की जरूरत होती है, जो उसे मां से प्राप्त होती है । इसलिए, गर्भवती महिला पर्याप्त आयरन पाने के लिए आंवले का सेवन कर सकती है, क्योंकि आंवले में आयरन मौजूद होता है ।

  16. एनीमिया को ठीक करने में : आंवला गर्भवती के शरीर में आयरन को अवशोषित (Absorption) करने में मदद करता है, जिससे हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य बना रहता है। एनीमिया एक ऐसी मेडिकल कंडीशन है, जिसमें आपका खून शरीर में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा नहीं पहुंचा पाता है । ऐसे में गर्भवती महिला अपनी डाइट में आंवले के जूस को शामिल कर सकती हैं, क्योंकि इसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन-सी मौजूद होता है, जो लाभकारी साबित हो सकता है।
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  17. रक्तचाप के लिए : आंवले में विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में होता है, जो रक्त वाहिकाओं को फैलाता है और रक्तचाप को सामान्य रखने में मदद करता है। ऐसे में आप प्रेग्नेंसी में ताजे आंवले का जूस का सेवन कर सकती हैं।dcgyan

  18. इम्यून सिस्टम को बढ़ाने के लिए : गर्भावस्था के दौरान आंवले का सेवन आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकता है, क्योंकि आंवले में विटामिन सी मौजूद होता है, जो इम्यून पावर बढ़ाने के लिए आवश्यक माना जाता है। गर्भधारण के बाद सर्दी, जुकाम और यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (मूत्र पथ संक्रमण) होने की आशंका बढ़ जाती हैं। ऐसे में आंवले में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन-सी आपकी इम्यूनिटी को बढ़ाकर संक्रमण से निपटने में मदद करते हैं। इसके सेवन से स्तन दूध में भी शिशु की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले गुण विकसित हो सकते हैं।dast

  19. कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए : आंवले में पर्याप्त मात्रा में डाइटरी फाइबर्स पाए जाते हैं, जिससे कब्ज की समस्या नहीं होती है. गर्भावस्था में कब्ज की समस्या हो जाना एक आम समस्या है. इससे कब्ज की संभावना कम हो जाती है, और फाइबर भी ढीली मल को बढ़ा सकता है और दस्त को कम कर सकता है। फाइबर गैस्ट्रिक और पाचन रस के स्राव को उत्तेजित करता है, इसलिए भोजन कुशलतापूर्वक पच जाता है, पोषक तत्व इष्टतम तरीके से अवशोषित होते हैं, और आपको हल्का और स्वस्थ महसूस करते हैं। कब्ज को कम करके आप कई विकारों से बच सकते हैं,
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आइए, अब जानते हैं कि एक दिन में गर्भवती महिला को कितने आंवले का सेवन करना चाहिए

आप प्रेगनेंसी में रोजाना एक आंवला खा सकती हैं। एक आंवला आपको गर्भावस्था में विटामिन-सी और अन्य पोषक तत्व देने के लिए पर्याप्त है । अगर आप आंवला के चूर्ण का सेवन करती हैं, तो एक छोटा चम्मच पाउडर आंवला लेना काफी होगा।

आइए, अब जानते हैं कि एक दिन में कितने गिलास आंवले का जूस पीना चाहिए।

गर्भास्वस्था के दौरान आप एक दिन में एक आंवले का जूस  का सेवन कर सकती हैं । आप घर में बने आंवला के जूस का सेवन करें। वहीं, आंवले की तासीर ठंड़ी होती है, इसलिए अगर आपको पेट में जलन का एहसास हो रहा है, तो भी यह आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इस बारे में आप एक बार डॉक्टर से भी राय ले सकती हैं, क्योंकि हर किसी की गर्भावस्था एक जैसी नहीं होती है। इसी कारण से सभी की खाने की मात्रा की जरूरत अलग होती हैं।
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आइए, अब जानते हैं कि प्रेगनेंसी में आंवलाऔर आंवले जूस का सेवन कब करना चाहिए।

आंवले का सेवन किसी के लिए भी फायदेमंद है. अगर बात की जाए प्रेग्नेंसी में कब इसका सेवन करना चाहिए, तो इसके लिए भी कोई समय जरूरी नहीं है. हालांकि माना जाता है कि गर्भावस्था के दूसरे महीने से आंवले का सेवन महिला को कर देना चाहिए. क्योंकि इसके सेवन का फायदा न सिर्फ जच्चा बल्कि बच्चे तक भी पहुंचता है.  परन्तु  हर महिला का शरीर और उनकी गर्भावस्था एक समान नहीं होती है, ऐसे में इस बारे में आप एक बार अपने डॉक्टर की राय जरूर लें।

आइए, अब जानते हैं कि प्रेगनेंसी में आंवला (Amla in pregnancy) खाने से क्या नुकसान हो सकते हैं।

गर्भवती महिलाओं के लिए आंवला काफी गुणकारी होता है, लेकिन इसके अधिक सेवन से आपको कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, जैसे  :-

  1. कब्ज

  2. दस्त

  3. अपच

  4. डिहाइड्रेशन

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आइए, अब जानते हैं कि प्रेगनेंसी में आंवले के सेवन से जुड़ी कुछ खास बातों को भी ध्यान में रखना जरूरी है,

जैसे :-

  1. आंवले को खरीदने के बाद इसे अच्छे से धोने के बाद ही सेवन करना चाहिए।

  2. अगर आप आंवले का जूस पीना चाहती हैं, तो बाजार में पैकेट में बिकने वाले जूस के सेवन से बचें। दरअसल, इनमें रसायन होता है, जो आपके और आपके गर्भस्थ शिशु के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

  3. आंवले की तासीर ठंडी होती है, इसलिए सर्दी-जुकाम में इसका सेवन करने से बचें।

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आइए, अब जानते हैं कि आहार में आंवला को कैसे शामिल करैं ?

  1. आंवले का मुरब्बा खा सकती हैं

  2.  आंवले के जूस का सेवन कर सकते हैं।

  3. आप फलों के सलाद में आंवले को मिक्स कर सकते हैं।

  4.  चाहे तो नाश्ते या खाना खाने के बाद आंवला कैंडी खा सकते हैं।

  5. आप आंवले के अचार का सेवन कर सकते हैं।

  6.  आंवला सुपारी का सेवन कर सकते हैं।

  7.  आंवला पाउडर का सेवन कर सकते हैं।

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गर्भावस्था में फलों का सेवन आवश्यक होता है, क्योंकि सप्लीमेंट्स के मुकाबले फल अधिक पौष्टिक तत्वों से भरपूर होते हैं वैसे तो आंवले का सेवन किसी भी रूप में सुरक्षित माना जाता है, लेकिन इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले आप अपने स्वास्थ्य चिकित्सक से सलाह जरूर लें।

हम आशा करते हैं इस लेख से आपको गर्भावस्था के दौरान आंवले खाने से जुड़े सवालों के जवाब मिल चुके होंगे। अगर अभी भी आपके मन में  आंवले से संबंधित कोई सवाल हैं, तो आप उसे कमेंट के जरिए हम तक पहुंचा सकते हैं। इस लेख को देखने, शेयर करने व लाइक करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यबाद ,

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