मुंह के छाले Canker sores (Mouth ulcers)

मुंह के छाले Mouth ulcers (Canker sores)

Mouth ulcers  (मुंह )में छाले होने की समस्या इतनी आम है कि हम सभी को कभी न कभी मुंह में छाले जरूर हुए है और हमें इस परेशानी का सामना करना पड़ा है। हम सभी अच्छी तरह से वाकिफ है कि जब मुंह में या जबान पर छाले हो जाएं, तो किसी से बातचीत करने में, यहां तक की खाने-पीने में भी कितनी तकलीफ होती है। छालों की वजह से दर्द रहता है सो अलग, ऐसे में बाजार में तो ढेरों ऐसी क्रीम मिल जाती है, जिन्हें छालों पर लगाने से छाले कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते है।

लेकिन कई बार घर में क्रीम न हों व उसी समय छाले के दर्द से राहत चाहिए हों, तो ऐसे में आप कुछ आसान से घरेलू तरीके भी आजमा सकते है, जो छालों को ठीक करने में बेहद कारगर साबित होंगे,

मुंह में होने वाले छाले अधिकतर गालों के अंदर होते हैं। मुंह के छालें को चिकित्सीय भाषा में कैंकर सोर्स (Canker sores) भी कहा जाता है।

ज़्यादातार मुंह के छालों के इलाज की ज़रूरत नहीं पड़ती है, यह अपने आप ठीक हो जातें हैं। दर्द से आराम पाने के लिए और जल्दी ठीक होने के लिए आप कुछ इलाज और घरेलू नुस्खे अपना सकते हैं, जिन लोगों को बार-बार छाले होते हैं, उन्हें डॉक्टर द्वारा टेस्ट कराने चाहिए, जिससे इस समस्या की ठीक से जांच हो सके।

मुंह के छाले के प्रकारTypes of Mouth Ulcer in Hindi

Mouth ulcers (मुंह )  के छालों के प्रकार (कैंकर सोर्स)

मुंह के छाले संक्रामक नहीं होते हैं और इन्हें तीन प्रकार में वर्गीकृत किया जाता है :

  1. छोटे छाले :- इनका साइज 3 से 10 मिलीमीटर के बीच होता है और यह बहुत ही सामान्य तरह के छाले होते हैं। यह 10 से 14 दिन के अंदर ठीक हो जातें हैं और इनके कोई निशान नहीं रहते।

  2. बड़े छाले :- यह छाले छोटें छालों से ज़्यादा बड़े और गेहरें होते हैं, इनकी चौड़ाई 10 मिलीमीटर से ज़्यादा होता हैं। इन छालों को ठीक होने में कुछ हफ्ते से लेकर कुछ महीने तक लग जाते हैं और यह ठीक होने के बाद निशान छोड़ देते हैं।

  3. हेरपेटिफोर्म छाले (Herpetiform sores) :- बहुत सारे छोटे-छोटे छालों के समूह को हेरपेटिफोर्म छाले कहते हैं। इन छालों का साइज बहुत कम होता है (2-3 मिलीमीटर), लेकिन एक समय पर ऐसे 100 छाले तक इकट्ठे भी हो सकते हैं। यह बिना निशान छोड़े ठीक हो जाते हैं।

मुंह के छाले के लक्षणMouth Ulcer Symptoms in Hindi   
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Mouth ulcers (मुंह )  में छाले होने के क्या लक्षण होते हैं?

मुंह के छाले अक्सर जीभ, गालों की की अंदर की सतह, मसूड़ों, होंठ के अंदर या तालु के पीछे की नर्म हिस्से पर हो जाते हैं। मुंह के छालों के कुछ लक्षण इस प्रकार हैं:

  1. छाला पनपने से 24 घंटे पहले से जलन, झुनझुनी, चुभन महसूस होना।

  2. छाला सफेद, ग्रे या पीले रंग का होता है, उसका लाल रंग का बॉर्डर होता है।

  3. ज़्यादातर छाले दर्दनाक होते हैं।

  4. बोलने और खाना चबाने व निगलने में दिक्कत होती है।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

  1. छाले पहले से ज़्यादा बड़े हो गए हों

  2. छाला फैल रहे हों

  3. छाले तीन हफ़्तों से ज़्यादा समय से हों

  4. पेन किलर (दर्द निवारक दवा) लेने के बाद भी छालों में दर्द हो रहा हो

  5. छालों की वजह से पानी पीने में दिक्कत हो रही हो

  6. छाले होने के साथ बुखार भी हो गया हो।

मुंह के छाले के कारणMouth Ulcer Causes in Hindi   
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Mouth (मुंह ) में छाले क्यों होते हैं?

मुंह के छाले होने का कारण आज तक पता नहीं चल सका है, हालांकि शोधकर्ता यह मानते हैं कि बहुत सारे कारक मिलाकर छाले होने का कारण बनते हैं। मुंह में छाले संभवत: इन वजह से हो सकते हैं –

  1. दन्त कार्य के दौरान छोटी सी खरोंच लगना, ज़्यादा ब्रश करना, खेल के दौरान चोट लगना, गलती से गाल काटना।

  2. सोडियम लॉरयल सल्फेट (Sodium lauryl sulfate) युक्त टूथपेस्ट या माउथवाश इस्तेमाल करना।

  3. खाद्य संवेदनशीलताएं (प्रभाव), विशेष रूप से चॉकलेट, कॉफ़ी, स्ट्रॉबेरी, अंडा, नट्स, चीज़ और तीखे भोजन के प्रति।

  4. विटामिन बी12, जिंक, फोलिक एसिड या आयरन रहित खाना।

  5. मुंह में पाएं जाने वाले बैक्टीरिया की एलर्जिक प्रतिक्रिया।

  6. हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (Helicobacter pylori) बैक्टीरिया, जिसकी वजह से पेट में अल्सर भी होते हैं।

  7. मासिक धर्म के दौरान हॉर्मोन्स में बदलाव आना।

  8. भावनात्मक तनाव।

मुंह के छाले का उपचारMouth Ulcer Treatment in Hindi   
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Mouth (मुंह )  के छालों का इलाज

मुंह के छाले छोटे हों तो ज़्यादातर इलाज की ज़रूरत नहीं पड़ती, यह हफ्ते या दो हफ्ते में अपने आप ठीक हो जातें हैं। लेकिन बड़े और बार-बार होने वाले दर्दनाक छालों को चिकित्सा देखभाल की ज़रूरत पड़ती है। कई सारे इलाज के विकल्प मौजूद हैं, जिनमें में से प्रमुख इस प्रकार हैं –

  1. दवायुक्त माउथ वाश अगर आपकी स्थिति गंभीर है तो डॉक्टर आपको एक दवा-युक्त माउथ वाश से दिन में कई बार कुल्ला करने को बोलेंगे। इस दवा से दर्द और जलन कम होती है।

  2. मुँह के छाले की क्रम और अन्य दवाऐसी कई पेस्ट, क्रीम, जेल या लिक्विड मौजूद हैं जो जल्द आराम पाने में और छाले ठीक होने में सहायता कर सकती हैं। इनका असर सबसे ज़्यादा तब होता है जब इन्हे छाला होने के तुरंत बाद लगाया जाए। आपके लिए सही दवा कौन सी है, यह जानने के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

  3. शहद में मुलहठी :- शहद में मुलहठी का चूर्ण मिलाकर इसका लेप मुंह के छालों पर लगाए और लार को मुंह से बाहर टपकने दें ऐसा करने पर आपके छालों को राहत मिलती है।

  4. अडूसा :- मुंह में छाले होने पर अडूसा के 2-3 पत्तों को चबाकर उनका रस चूसना चाहिए।

  5. कत्था और मुलहठी :- छाले होने पर कत्था और मुलहठी का चूर्ण और शहद मिलाकर मुंह के छालों पर लगाने से आपके छालों में तकलीफ से छुटकारा मिलता है।

  6. नींबू और शहद:- नींबू के रस में शहद मिलाकर इसके कुल्ले करने से मुंह के छाले गायब हो जाते हैं।

  7. पानी :- ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी का सेवन कीजिए, इससे पेट साफ होगा और मुंह के छाले नहीं होंगे।

  8. छाछ :- छाछ से दिन में तीन से चार बार कुल्ला करें ऐसा करने पर मुंह के छाले ठीक होते हैं।

  9. गुड :- खाना खाने के बाद गुड का सेवन करें ऐसा करने से छालों में राहत मिलते है।

  10. मेंहदी और फिटकरी :- मेंहदी और फिटकरी का चूर्ण बनाकर छालों पर लगाएं, इससे मुंह के छाले समाप्त होते हैं।

  11. पोषक तत्व पूरक (न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट्स) – अगर आप कम मात्रा में आवश्यक पोसाहक तत्व लेते हैं तो आपके डॉक्टर आपको न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट्स लेने को कहेंगे, जैसे कि फोलेट (फोलिक एसिड या विटामिन बी9), विटामिन बी 6, विटामिन बी12 या जिंक।                     
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मुंह के छाले में परहेजWhat to avoid during Mouth Ulcer in Hindi?

क्या खाने से बचें?

तीखा या नमकीन खाना, खट्टे या टमाटर युक्त खाद्य पदार्थ न खाएं। तीखा आहार लेने से छालों में जलन बढ़ सकती है।   खुरदरे आहार जैसे कि सूखा टोस्ट से दूर रहें। यह मुंह के छालों की वजह से होने वाली परेशानी को और बढ़ा सकते हैं।

मुंह के छाले में क्या खाना चाहिए? – What to eat during Mouth Ulcer in Hindi?

Mouth (मुंह )  में छाले या गले में छाले होने पर क्या खाया जाएँ?

नर्म और क्रीम युक्त खाना खाएं जिसमें ज़्यादा मात्रा में कैलोरी और प्रोटीन हों, जैसे कि क्रीम युक्त सूप, चीज़, दही, आइस क्रीम आदि। अगर आप दर्द की वजह से थोड़ा ही खा पा रहे हैं, तो आपको ज़्यादा कैलोरी युक्त भोजन खाना चाहिए, जो आपके शरीर को पर्याप्त ऊर्जा देगा। आइस क्रीम और ठंडा शरबत जैसी ठंडी चीज़ें खाएं। इनका ठंडापन आपके मुंह के छालों को ठंडक पहुंचाएगा।(Mouth ulcers)

हम आशा करते हैं इस आर्टिकल से आपको  मुंह के छाले से जुड़े सवालों के जवाब मिल चुके होंगे। अगर अभी भी आपके मन में कोई उलझन है, तो आप उसे कमेंट के जरिए हम तक पहुंचा सकते हैं। इस आर्टिकल  को देखने, शेयर व लाइक करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यबाद ,

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