आमलकी रसायन के फायदे , प्रयोग, खुराक और नुकसान | Amlaki Rasayan ke fayde

आमलकी रसायन के फायदे , प्रयोग, खुराक और नुकसान | Amlaki Rasayan ke fayde | Amlaki Rasayan benefits,uses,dosage and disadvantages in hindi

आयुर्वेद ने आंवले के गुणों की बहुत प्रशंसा की है और गुणों के आधार पर इसे वयस्या, आमलकी, वृष्या,शिव, अमृता, अमृतफल जैसे गुणवाचक नामों से सम्बोधित किया है और इसे ‘रसायन’ माना है। रसायन-गुण के कारण ही ‘त्रिफला’ के तीन फलों में इसकी गणना की गई है।

आंवला के विषय में विस्तृत लेख हमारी पुरानी पोस्ट “आंवला के गुण उपयोग फायदे और नुकसान” में प्रस्तुत किया गया है।

Amla आंवले से निर्मित होने के कारण ‘आमलकी रसायन’ नामक इस योग में ‘आंवले’ की सभी विशेषताएं तो होती ही हैं साथ ही जिस विधि से आंवले से ‘आमलकी रसायन’ बनाई जाती है उस विधि के कारण इसकी गुणवत्ता और भी ज्यादा बढ़ जाती है। जरा (बुढ़ापा) और व्याधि (रोग) को जो दूर रखे उसे रसायन कहा है। आंवले में यह गुणवत्ता है अतः आंवले से तैयार किये गये इस योग को आमलकी रसायन कहा है।

यह योग सरल और सस्ता होते हुए भी दिव्यफल देने वाला, सौम्य, शीतवीर्य और स्वास्थ्य तथा आयु की रक्षा करके वृद्धि करने वाला है। गरीब और अमीर सभी के लिए इसका सेवन करना सम्भव है।

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आमलकी रसायन के घटक द्रव्य : Amlaki Rasayan Ingredients in Hindi

1.आंवले इच्छानुसार मात्रा में

2.पलाश के वृक्ष का मोटा, ताज़ा (हरा) और लम्बा तना

3.गीली मिट्टी

4.अरणे (जंगली) कण्डे

5.घी और शहद विषम मात्रा में।

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आमलकी रसायन बनाने का तरीका :-

पलाश को ढाक, खाखरा और टेसू भी कहते हैं। इसका मोटा तना काट लें और इसमें गिलास के समान गड्डा करें। चारों तरफ मोटा किनारा छोड़ कर गढ्डा गहरा बना लें। इसे गिलास की तरह खड़ा रख कर, गढ्डे में जितने आंवले भरे जा सकें उतने भर दें।

आंवले ताजे, बेदाग और पके हुए होना चाहिए। अब जैसे शीशी पर डाट या डिब्बे पर ढक्कन लगाते हैं उसी प्रकार पलाश के तने का ही ढक्कन बना कर इस पर रख कर मुंह बन्द कर दें। इसके सब तरफ़ से मोटा कपड़ा लपेट कर ऊपर से गीली मिट्टी को खूब

गाढ़ीगाढ़ी, लगभग 1-1 इंच मोटाई में, लपेट कर थोड़ा सूखने दें। जंगली कण्डों के ढेर के मध्य रख कर कण्डों को सुलगा दें। चारों तरफ़ लगभग 4-4फिट की दूरी पर कच्ची दीवार खड़ी कर दें ताकि हवा लगे और कण्डे खूब देर तक जलते रहें।

2-3 घण्टे में आंवले अच्छी तरह पक कर नरम हो जाते हैं आग ठण्डी होने पर बाहर निकाल कर, ठण्डा होने पर ढक्कन हटा दें तथा आंवलों को निकाल कर गुठली हटा कर, जितना वज़न आंवलों का हो उसके बराबर घी तथा डेढ़ गुना शहद मिला कर मसल लें ताकि तीनों मिल कर एक जान हो जाएं बस, बर्नी में भर लें।

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आंवले के गुण Amla ke gun in hindi

Amla आंवले में निम्नलिखित गुण मौजूद होते हैं । इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं की आमलकी रसायन में कौन-कौन से गुण धर्म मौजूद हो सकते हैं

1.कफ हर एवं खांसी में लाभदायक

2.त्वचा रोगों में लाभदायक

3.विरेचक अर्थात कब्ज नाशक

4.ज्वरनाशक

5.बांझपन दूर करने वाला

6.बल बुद्धि वीर्य वर्धक

7.उम्र के साइड इफेक्ट्स को कम करने वाला

8.नेत्र ज्योति बढ़ाने वाला

9.पित्त नाशक

10.एसिडिटी नाशक

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आमलकी रसायन के फायदे और उपयोग : Amlaki Rasayan benefits and Uses (labh) in Hindi

यह प्रयोग एक तरह से कल्प करना है जिससे बहुत कुछ मात्रा में ‘काया-कल्प’ हो सकता है। शास्त्रों में तो इतनी तारीफ़ लिखी है कि भरोसा करना मुश्किल है, पर हो भी सकता है कि पंचकर्म से शरीर शुद्धि करने के बाद, किसी योग्य अनुभवी आयुर्वेदाचार्य के निर्देशन में ३०-४० दिन तक, कठोर साधना करते हुए, अन्न जल का त्याग रख कर सिर्फ़ आमलकी रसायन की उचित मात्रा और गो दुग्ध का सेवन करते हुए निर्वाह कर सके तो वे सभी लाभ प्राप्त हो सकें जो शास्त्र में बताये गये हैं।

शास्त्र में इसकी प्रशंसा में जो कुछ कहा गया है उसका संक्षिप्त सार यह है कि बूढ़ा व्यक्ति भी फिर से युवा शरीर वाला हो जाता है नये दांत और बाल आ जाते हैं तथा शरीर में हाथी जैसा बल आ जाता है, धारणा शक्ति, बुद्धिबल और ओज की भारी वृद्धि होती है।

आँखों के लिए-dcgyan

आमलकी रसायन का उपयोग ज्यादातर आंखों के लिए किया जाता है, और यह लगभग सभी नेत्र रोगों को दूर करता है। यह आंखों के तनाव और आंखों की थकान से छुटकारा दिलाता है, मोतियाबिंद, धुंधली दृष्टि,आंखों की लालिमा और आंखों की जलन, कमजोर दृष्टि और अधिकांश अन्य नेत्र रोगों को दूर करता है।

 शरीर का कायाकल्प करने के लिए-

अध्ययनों से पता चला है कि आमलकी रसायन को गाय के घी और शहद के साथ दिन में 3 बार एक-डेढ़ महीने तक लेने से शरीर में कमजोरी, थकान और सिरदर्द में काफी राहत मिलती है।

यह हृदय, मस्तिष्क, पेट और अन्य शारीरिक अंगों को शक्ति देता है और वीर्य को गाढ़ा और मजबूत करता है और समय से पहले होने वाली पौरुष शक्ति की कमजोरी को ठीक करता है।

पाचन तंत्र के लिए –

आमलकी रसायन पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद है और भूख बढ़ाता है। इसका उपयोग जठरशोथ और अम्लपित्त के इलाज के लिए भी किया जाता है । यह लिवर को मजबूत बनाता है और आंतों की सूजन ठीक करने में उपयोगी है। अन्य संयोजनों के साथ, इसका उपयोग अल्सर और पेट दर्द को ठीक करने के लिए किया जा सकता है।

बालों के झड़ने के लिए (amalaki rasayan for hair) –

बालों के झड़ने की समस्या और बालों के समय से पहले सफेद होने से रोकने के लिए आमलकी रसायन का सेवन बहुत ही लाभदायक है ।

 खून में हीमोग्लोबिन की कमी के लिए  –khoon nali

आमलकी रसायन को हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायता के लिए जाना जाता है।

 अम्ल पित्त नाशक आमलकी रसायन-

आमलकी रसायन पित्त का शमन करता है तथा पेट में बनने वाले अम्ल पित्त के कारण होने वाली समस्याओं जैसे पेट एवं छाती में जलन होना, खट्टी डकार आना, अल्सर इत्यादि में फायदा करता है । अम्लपित्त वाले रोगियों को आमलकी चूर्ण को सहायक औषधि के रूप में देने से लाभ मिलता है ।

 शारीरिक शक्ति बढ़ाने एवं कायाकल्प करने में लाभदायक आमलकी रसायन –

यदि सही प्रकार से बना हुआ आमलकी रसायन गाय के घी एवं शहद के साथ दिन में तीन बार 40 से 45 दिन तक लगातार सेवन किया जाए एवं खानपान का सही तरीके से परहेज किया जाए तो आमलकी रसायन व्यक्ति की कायाकल्प तक कर देता है ।

यह शारीरिक कमजोरी, थकान को दूर करता है, बल बुद्धि एवं वीर्य की वृद्धि करता है एवं शरीर के समस्त अंगों को शक्ति प्रदान करता है । यह पुरुषों के वीर्य को गाढ़ा करता है एवं पुरुष शक्ति को बढ़ाकर पुरुष को बहुत अधिक बलवान बना देता है ।

 पाचन तंत्र के लिए लाभदायक आमलकी रसायन –

जैसा कि हमने आपको बताया आमलकी रसायन पित्त का शमन करता है एवं पित्त के कारण पैदा होने वाली एसिडिटी को दूर करता है । यह जठरशोथ दूर करती है । इसका सेवन करने से लीवर मजबूत होता है एवं यह आंतों में आई हुई सूजन दूर होती है ।

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 आमलकी रसायन के अन्य लाभ

उपरोक्त के अतिरिक्त आमलकी रसायन निम्न रोगों एवं समस्याओं में फायदा पहुंचाता है ।

1. आमलकी रसायन का सेवन करने से बालों का असमय सफेद होना एवं झड़ना जैसी समस्या दूर होती है ।

2. यह खून में लाल रक्त कणिकाओं का निर्माण करता है एवं हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है ।

3. इसका सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत अधिक बढ़ जाती है ।

4. इसमें प्राकृतिक विटामिन सी मौजूद होता है जिससे यह शरीर में विटामिन सी की कमी को दूर करता है एवं विटामिन सी के कारण आए हुए लक्षणों को सही करता है ।

5. यह रोग प्रतिरोधक शक्ति इम्युनिटी पावर बढ़ाने वाला टॉनिक है ।

6. यह शरीर में अतिरिक्त आयरन के अवशोषण में सहायक होता है ।

7. यह हमारे शरीर को फ्री रेडिकल डैमेज से बचाता है एवं शरीर में नई कोशिकाओं का निर्माण करने में सहायक होता है ।

8. इसमें एंटी एजिंग गुण मौजूद होते हैं जिस कारण यह है बढ़ती उम्र के लोगों को अधिक फायदा पहुंचाता है ।

9. यह कब्ज में भी आंशिक रूप से फायदा पहुंचाता है ।

10. जिन लोगों को बार-बार सर्दी खांसी जुखाम आदि की समस्या हो उन्हें आमलकी रसायन का सेवन करने से लाभ मिलता है ।

11. यह तासीर में ठंडा होता है, इसलिए इसका सेवन करने से शारीरिक जलन एवं पेप्टिक अल्सर में लाभ मिलता है ।

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आमलकी रसायन के सेवन की मात्रा (How Much to Consume Amlaki Rasayan?)

2 ग्राम मात्रा में प्रतिदिन सुबह खाली पेट शहद में मिला कर चाटें। दूध के साथ भी शहद मिला कर सेवन कर सकते हैं पर यह ख्याल रखें कि दूध बिल्कुल ठण्डा ही हो जाए क्योंकि शहद गरम दूध में सेवन नहीं किया जाता । कम से कम 60 दिन तक लगातार सेवन करें।

आमलकी रसायन के सेवन का तरीका (How to Use Amlaki Rasayan?)

इसका सेवन करते हुए अन्न जल का कठोरता पूर्वक त्याग रखना अनिवार्य होता है। जल पीना तो दूर, स्पर्श करने तक को मना किया गया है। आहार के नाम पर दिन में 2-3 बार सिर्फ गाय का दूध ही ले सकते हैं, अन्य कोई पदार्थ नहीं।

इस रसायन को शुरू करने से पूर्व किसी कुशल आयुर्वेदाचार्य वैद्य अथवा किसी आयुर्वेदिक औषधालय की देखरेख में ‘पंचकर्म’ विधि से शरीर-शुद्धि करवा लेना अनिवार्य है।

इसका सेवन शीतकाल में, विशेष कर जनवरी से मार्च महिने के बीच 30 दिन तक, अलग एक कुटी बना कर रहते हुए करना चाहिए। इसकी पहली खुराक 50 ग्राम है जो गाय के दूध के साथ सुबह-शाम ली जाती है। धीरे-धीरे इस मात्रा को 200 ग्राम तक बढ़ा लेना चाहिए। यह प्रयोग उसी को करना चाहिए जिसका यकृत (Liver) बलवान हो, पाचन शक्ति अच्छी हो और जो 30 दिन तक एक कमरे में बना रह सके, पंच कर्म द्वारा शरीर की शुद्धि करवा चुका हो। समय व्यतीत करने के लिए पढ़ना-लिखना; टी.वी. देखना, ध्यान, पूजा-पाठ आदि काम किये जा सकते हैं।

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आमलकी रसायन के नुकसान (Side Effects of Amlaki Rasayan):-

आमलकी रसायन करना बिल्कुल सुरक्षित है, केवल इस बात का ध्यान रखना आवश्यक है कि आप इसकी निर्धारित मात्रा से अधिक मात्रा का सेवन ना करें अन्यथा आपको दस्त एवं पेट दर्द जैसी समस्या हो सकती है ।

आमलकी रसायन कैसे प्राप्त करें ? ( How to get Amlaki Rasayan)

यह योग इसी नाम से बना बनाया आयुर्वेदिक औषधि विक्रेता के यहां मिलता है।

कहाँ से खरीदें  :-  अमेज़ॉन,नायका,स्नैपडील,हेल्थ कार्ट,1mg Offers,Medlife Offers,Netmeds Promo Codes,Pharmeasy Offers,

ध्यान दें :- Dcgyan.com के इस लेख (आर्टिकल) में आपको आमलकी रसायन के फायदे, प्रयोग, खुराक और नुकसान के विषय में जानकारी दी गई है,यह केवल जानकारी मात्र है | किसी व्यक्ति विशेष के उपयोग करने से पहले चिकित्सक से परामर्श करना आवश्यक है |

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