अश्वगंधादि घृत के फायदे , प्रयोग, खुराक और नुकसान | Ashwagandhadi Ghrit ke fayde

अश्वगंधादि घृत के फायदे , प्रयोग, खुराक और नुकसान | Ashwagandhadi Ghrit ke fayde | Ashwagandhadi Ghrit benefits,uses,dosage and disadvantages in hindi

पौष्टिक, बलवीर्यवर्द्धक, स्नायविक संस्थान को बल देने वाली अश्वगन्धा के साथ जब अन्य गुणकारी एवं पौष्टिक द्रव्यों को मिलाकर योग बनाया जाता है तब इसकी खूबियों के क्या कहने ! ऐसा ही एक उत्तम आयुर्वेदिक योग है- अश्वगंधादि घृत।

अश्वगंधा घृत, असगंध और गाय के घी से निर्मित एक आयुर्वेदिक दवा है। आयुर्वेद में, असगंध को इसमें पाए जाने वाले गुणों के कारण रसायन माना गया है। यह शरीर में ओज, तेज, बल की वृद्धि करता है। इसके सेवन से नसों की कमजोरी दूर होती है। पुरुषों के लिए यह अत्यंत उपयोगी है। यह एक उत्तम वाजीकारक है और पौरुष शक्ति में वृद्धि करता है।

यह औषधि अश्वगंधा घृत, का सेवन सभी प्रकार के वात रोगों में, जोड़ों के दर्द में, कमर के दर्द आदि में राहत देता है। यह नींद न आने की समस्या को भी दूर करता है। यह दिमाग को ताकत देता है। इसके सेवन से धातुएं पुष्ट होती हैं।

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अश्वगंधादि घृत के घटक द्रव्य :-

1.असगन्ध 500 ग्राम ।

2.मूर्च्छित किया हुआ गाय का घृत-250 ग्राम ।

3.गाय का दूध -1 लिटर ।

4.ताज़ा पानी आवश्यक मात्रा में ।

5.असगन्ध का महीन पिसा चूर्ण 25 ग्राम ।

अश्वगंधादि घृत की निर्माण विधि :

असगन्ध को जौ कूट (मोटा मोटा) कर 4 लिटर पानी में डाल कर उबालें। जब पानी एक लिटर बचे तब उतार कर छान लें। असगन्ध चूर्ण 25 ग्राम को पानी छिड़क कर पीसें और कल्क (चटनी) बना लें। काढ़े में यह कल्क और मूर्च्छित गोघृत तथा गो दुग्ध डाल कर तांबे की कलाईदार या लोहे की कड़ाही में डाल कर घृत सिद्ध करने की विधि से पकाएं। घृत सिद्ध होने पर छान कर बर्नी में भर लें।

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अश्वगंधा घृत के लाभ | Benefits of Ashwagandha Ghrita in Hindi

1.यह अत्यंत पौष्टिक है। यह औषधि सभी प्रकार के वात विकार, दर्द ,पीठ दर्द , शारीरिक कमजोरी , चक्कर आना इत्यादि रोगों में उपयोगी है। इसके सेवन से शरीर में उर्जा व स्फूर्ति बनी रहती है

2.अश्वगंधादि घृत शक्ति, मस्तिष्क की शक्ति और प्रजनन क्षमता में सुधार करता है।

3.यह उत्कृष्ट कामोद्दीपक है।

4.अश्वगंधादि घृत बच्चों में पोषण और शक्ति को बढ़ावा देता है।

5.यह स्निग्ध है और आन्तरिक रूक्षता दूर करता है।

6.अश्वगंधादि घृत वज़न, कान्ति, और पाचन को बढ़ाता है।

7.यह कब्ज़ से राहत देता है।

8.अश्वगंधादि घृत दिमाग, नसों, मांस, आँखों, मलाशय आदि को शक्ति प्रदान करता है।

9.यह धातुओं को पुष्ट करता है।

10.यह पित्त विकार को दूर करता है।

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अश्वगंधादि घृत के सेवन की मात्रा (How Much to Consume Ashwagandhadi Ghrit?)

3 gm से 6 gm दिन में दो बार, सुबह और शाम लें।

अश्वगंधादि घृत के सेवन का तरीका (How to Use Ashwagandhadi Ghrit?)

आधा से एक चम्मच घृत, अपनी पाचनशक्ति के अनुसार, पिसी मिश्री के साथ चाट कर ऊपर से कुनकुना मीठा गर्म दूध पिएं। यदि गाय का दूध हो तो अच्छा। इस घृत का सेवन किसी भी आयु वाला कर सकता है।

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अश्वगंधादि घृत कैसे प्राप्त करें ? ( How to get Ashwagandhadi Ghrit)

यह योग इसी नाम से बना बनाया आयुर्वेदिक औषधि विक्रेता के यहां मिलता है।

कहाँ से खरीदें  :-  अमेज़ॉन,नायका,स्नैपडील,हेल्थ कार्ट,1mg Offers,Medlife Offers,Netmeds Promo Codes,Pharmeasy Offers,

ध्यान दें :- Dcgyan.com के इस लेख (आर्टिकल) में आपको अश्वगंधादि घृत के फायदे, प्रयोग, खुराक और नुकसान के विषय में जानकारी दी गई है,यह केवल जानकारी मात्र है | किसी व्यक्ति विशेष के उपयोग करने से पहले चिकित्सक से परामर्श करना आवश्यक है |

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