बसंतकुसुमाकर रस के फायदे , प्रयोग, खुराक और नुकसान | Basantkusmakar Ras ke fayde

बसंतकुसुमाकर रस के फायदे , प्रयोग, खुराक और नुकसान | Basantkusmakar Ras ke fayde | Basantkusmakar Ras benefits,uses,dosage and disadvantages in hindi

यह वसंत कुसुमाकर रस टेबलेट या पाउडर के रूप में एक आयुर्वेदिक दवा है, इस दवा का नाम ही यह बताता है कि यह पौधा वसंत (वसंत) के मौसम खिलने वाला पौधा (कुसुम) है इसलिए इस दवा को लेने से शरीर को नई ताकत मिलती है। वसंत कुसुमाकर रस मधुमेह में उपयोग की एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक दवा है क्योंकि यह ब्लड शुगर के स्तर को सामान्य और स्थिर करता है। इसका उपयोग एंटी-हाइपरग्लाइकेमिक, कामोत्तेजक और कार्डियोप्रोटेक्टिव एजेंट के रूप में भी किया जाता है। यह टैबलेट या पाउडर के रूप में मिलता है| इस दवा का उपयोग मूत्र, नर्वस और गेरियाट्रिक रोगों के इलाज के लिए भी किया जाता है।

बसंतकुसुमाकर रस के घटक द्रव्य : Basantkusmakar Ras Ingredients in Hindi

1.प्रवाल भस्म

2.रससिन्दूर

3.मोती पिष्टी

4.अभ्रक भस्म

5.रौप्य (चाँदी) भस्म

6.सुवर्ण भस्म

7.लौह भस्म,

8.नाग भस्म

9.बंग भस्म

10.अडूसा

11.हल्दी

12.गन्ने का रस

13.चन्दन

बसंतकुसुमाकर रस बनाने की विधि : Preparation Method of Basantkusmakar Ras

प्रवाल भस्म या पिष्टी, चन्द्रोदय या रससिन्दूर, मोती पिष्टी या भस्म, अभ्रक भस्म- प्रत्येक 4-4 तोला, रौप्य (चाँदी) भस्म, सुवर्ण भस्म 2-2 तोला, लौह भस्म, नाग भस्म और बंग भस्मप्रत्येक 3-3 तोला लेकर सबको पत्थर के खरल में डालकर अडूसे की पत्ती का रस, हल्दी का रस, गन्ने का रस, कमल के फूलों का रस, मालती के फूलों का रस, शतावरी का रस, केले के कन्द का रस, और चन्दन भिंगोया हुआ जल या चन्दन-क्वाथ प्रत्येक की सात-सात भावना दें। प्रत्येक भावना में 3-6 घण्टा मर्दन करना चाहिए। अन्त की भावना के समय उसमें 2 तोला अच्छी कस्तूरी मिलाकर 3 घण्टा मर्दन कर 1-1 रत्ती की गोलियाँ बना, छाया में सुखा लें। इस योग में यदि 2 तोला अम्बर भी मिला दें, तो यह विशेष गुणकारक होता है।

– सि. यो. सं.

बसंतकुसुमाकर रस के फायदे और उपयोग : Basantkusmakar Ras benefits and Uses (labh) in Hindi

1.बार बार पेशाब कि समस्या में वसंत कुसुमाकर के फायदे – Vasant Kusumakar benefits in hindi

अगर किसी व्यक्ति को बार बार पेशाब आने की समस्या रहती है, तो उस व्यक्ति को वसंत कुसुमाकर का सेवन अवश्य करना चाहिए. इसके सेवन से बार बार पेशाब आने की समस्या में काफी राहत मिलती है. बार बार पेशाब आना भी एक गंभीर समस्या है. जिससे कई तरह को अन्य समस्या के उत्पन्न होने का खतरा बना रहता है. ऐसे में अगर आप इसका सेवन करके पेशाब की समस्या को खतम कर देते है. तो इससे आप कई प्रकार की समस्याओं से बच सकते है.

2.अक्षय रोग में वसंत कुसुमाकर के फायदे – Vasant Kusumakar benefits in hindi

बचपन में हम बहुत अधिक मात्रा में हस्तमैथुन करते है. जिस कारण जवानी में हमे कुछ रोगों का भी सामना करना पड़ता हैं. इनमे से ही एक रोग है अक्षय रोग. इश्क रोग का मुख्य कारण है. बहुत अधिक मात्रा में वीर्य का हानि होना. इस समस्या के समाधान के लिए आप वसंत कुसुमाकर का सेवन कर सकते है. इसके सेवन से आपको काफी अधिक लाभ मिलता है.

3.एनीमिया में वसंत कुसुमाकर के फायदे – Vasant Kusumakar benefits in hindi

एनीमिया रोग में भी आप वसंत कुसुमाकर का सेवन कर सकते है. इस रोग में भी इसका सेवन करने के काफी फायदे होते है. इसके सेवन से आपको पुराने रक्तपित्त, कफ एवं खांसी, सांस लेने में दिक्कत होना, खून की कमी की समस्या से छुटकारा मिलता है. आपको इन सभी रोग में इसका सेवन डॉक्टर से सलाह लेने के बाद करना चाहिए.

4.शीघ्रपतन में वसंत कुसुमाकर के फायदे – Vasant Kusumakar benefits in hindi

शीघ्रपतन की समस्या से लगभग आज हर व्यक्ति परेशान है. आज हर कोई चाहता है. कि उसका दंपत्ति जीवन सुखमय हो, लेकिन कभी कभी ऐशा नहीं हो पाता है. इसका मुख्य कारण होता है. हमारे द्वारा बचपन में कि गई गलतियां और बहुत अधिक मात्रा में हस्तमैथुन करना.

अगर आप सीमित मात्रा में हस्तमैथुन करते है, तो इससे आपको किसी तरह की समस्या नहीं होती है. लेकिन यदि आप बहुत अधिक मात्रा में हस्तमैथुन करते है, तो इससे आपको कई तरह की समस्या हो सकती है जैसे – लिंग का खड़ा ना होना, लिंग का ढीलापन, लिंग का छोटापन, शीघ्रपतन आदि और भी कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती है.

अगर आप भी ऐसे है किसी समस्या से परेशान है, तो आपको  वसंत कुसुमाकर का सेवन अवश्य करना चाहिए. इससे आपको इन सभी समस्याओं से लड़ने वा दूर करने में काफी मदद मिलती है. एवं आप इं समस्याओं से छुटकारा पाते है.

5.मधुमेह में वसंत कुसुमाकर के फायदे – Vasant Kusumakar benefits in hindi

अगर आपको मधुमेह से जुड़ी कोई भी समस्या है, तो आपको इसका सेवन करना चाहिए. इसका सेवन आप मधुमेह type-1 और type-2 दोनों टाइप के मधुमेह में आप इसका सेवन कर सकते है. मधुमेह में इसका सेवन करने का मुख्य कारण होता है. इसमें मौजूद एंटी हाईपरबुलाईसेमिक गुण.madhumeh,diabetes,

अगर आप मधुमेह का इलाज आयुर्वेदिक औषधि के जरिए करवा रहे है, तो ऐसे में आपको वसंत कुसुमाकर का भी सेवन करना चाहिए. मधुमेह रोग में आयुर्वेदिक रोग विशेषज्ञ इसका सेवन करने की सलाह देते है. क्यूंकि मधुमेह में इसका सेवन करने से बहुत लाभ मिलता है.

वसंत कुसुमाकर रस एक प्रकार से बलवर्धक, कामोत्तेजक, बाजीकरण और रसायन है, जो सप्त धातु को पुष्ट कर शरीर को नई उर्जा और यौवन प्रदान करती हैं. जिससे हमें मधुमेह जैसे हानिकारक बीमारियों से लड़ने में काफी मदद मिलती है.

6.मासिक धर्म के रोगों में वसंत कुसुमाकर के फायदे – Vasant Kusumakar benefits in hindi

मासिक धर्म से जुड़ी समस्या में भी आपको इसका सेवन अवश्य करना चाहिए. क्यूंकि बहुत सी महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान बहुत अधिक पीड़ा होती है. एवं खून भी काफी अधिक मात्रा में स्त्रावित होता है. ऐसे समय में आपको इसका सेवन अवश्य करना चाहिए. इससे आपको इस समस्या में काफी राहत मिलता है. और आपको दर्द से भी छुटकारा मिलता है.

7.पतले खून कि समस्या में वसंत कुसुमाकर के फायदे – Basant Kusumakar benefits in hindi

शरीर में खून (रक्त) ज्यादा पतला हो जाने से ऐसा होता है। ऐसी स्त्री को शरीर के किसी अंग में जरा-सा कट जाने या खुर्च जाने अथवा सूई आदि चुभ जाने से बहुत खून निकलता है, जो बहुत देर में बन्द होता है। ऐसी स्थिती में रक्त गाढ़ा करने के लिये बसन्तकुसुमाकर रस का प्रवालपिष्टी के साथ उपयोग करना लाभप्रद है।

ऐसे व्यक्ति को अपने खून को गाढ़ा करने के लिए वसंत कुसुमाकर का सेवन अवश्य करना चाहिए. इसके सेवन से आपका ख़ून बहुत जल्दी गाढ़ा होने लगता है. इसके अलावा आप डॉक्टर से सलाह लेकर और भी कई चीजों का सेवन करके आपने खून को गाढ़ा कर सकते है.khoon nali

8.बुढ़ापे के रोगों में वसंत कुसुमाकर के फायदे – Basant Kusumakar benefits in hindi

जैसा कि आप लोग जानते है. जैसे जैसे बुढ़ापा आता है वैसे वैसे हमे कई रोगों का सामना करना पड़ता है. हम जितने बूढ़े होते है. हमे रोग भी उतना ही अधिक होता है.वसंत कुसुमाकर के सेवन से आपको बुढ़ापा में कई प्रकार की बीमारियों से लड़ने में काफी मदद मिलती है. बुढ़ापा के कारण सबसे पहले हमारी आंखे कमजोर होने लगती है.

आंखें कमजोर होने के बाद हमारी पाचन शक्ति काफी कमजोर हो जाती है. हम कुछ भी खाना खाते है. हमारा पाचन तंत्र हमारे खाने को पचा नहीं पाता है. जिससे हमारा शरीर दिन बा दिन कमजोर होने लगता है. जिससे हमारे चलने फिरने की क्षमता कम होती जाती है.

इसके जैसी और भी कई प्रकार की समस्या उत्पन्न हो जाती है. जिससे हमें बुढ़ापे में काफी समस्या का सामना करना पड़ता है. इन सभी समस्याओं में आपको इसका सेवन अवश्य करना चाहिए. इसके सेवन से आपकी आंखों को नई ऊर्जा प्राप्त होता है. दिल एवं दिमाग को ताक़त मिलती है. जिससे हमें बुढ़ापा से लड़ने में काफी मदद मिलती है.

9.नकसीर रोग में वसंत कुसुमाकर के फायदे – Vasant Kusumakar benefits in hindi

यह समस्या हमेशा गर्मी में उत्पन्न होती है. गर्मी के समय में अगर कुछ अधिक गर्म चीज का सेवन करने से नाक से खून गिरने लगता है. बहुत बार हम उन चीज़ों का भी सेवन कर लेते है. जिसके तासीर काफी गरम होती है. जिस वजह से हमे इं समस्याओं का सामना करना पड़ता है. हालांकि यह कोई बड़ी समस्या नहीं है.

लेकिन अगर आपके नाक से बार बार खून बाहर आने लगे. तो आगे चलकर यह काफी बड़ी समस्या बन सकती है. इस समस्या से निजात पाने के लिए आपको वसंत कुसुमाकर का सेवन अवश्य करना चाहिए. इसका सेवन करने से आपको इस समस्या से बहुत जल्दी निजात मिल जाता है.

बसंतकुसुमाकर रस के सेवन की मात्रा (How Much to Consume Basantkusmakar Ras?)

1-1 गोली, सुबह-शाम। (लगभग 125 से 250 मि.ग्रा.)

बसंतकुसुमाकर रस के सेवन का तरीका (How to Use Basantkusmakar Ras?)

1. नपुंसकता और वीर्य श्राव में धारोष्ण गोदुग्ध के साथ दें।

2. मस्तिष्क के विकारों में आँवले के मुरब्बे के साथ दें।

3. रक्त-पित्त और रक्त प्रदर में वासा-रस और मधु के साथ दें।

4. कास-श्वास और क्षय में चौसठ प्रहर पीपल के साथ मधु मिलाकर दें।

5. अम्लपित्त में कुष्माण्ड अवलेह के साथ हृदयरोग में अर्जुन छाल के क्वाथ से दें।

6. प्रमेह में गुडूची स्वरस और मधु के साथ दें।

7. मधुमेह में जामुन की गुठली का चूर्ण और शिलाजीत के साथ दें।

8. शराब के साथ वसंत कुसुमाकर रस(vasant kusumakar ras) को नहीं लेना चाहिए। यह आयुर्वेदिक दवा दूध और अनरिफाइंड चीनी, दूध की मलाई या मक्खन के साथ साथ ली जाती है। इसका सेवन शहद, चीनी या घी के साथ भी किया जा सकता है।

बसंतकुसुमाकर रस के नुकसान (Side Effects of Basantkusmakar Ras):-

1.खुद से इस दवा को लेना सख्त मना है |

2.गर्भवती या स्तनपान कराने वाली माताओं को इसे नहीं लेना चाहिए |

3.केवल सीमित समय के लिए ही इसका उपयोग किया जाना चाहिए |

4.इसमें सीसा और पारा होता है जो समय के साथ जहरीला हो सकता है |

5.बच्चों को इसे नहीं दिया जाना चाहिए |

6.बसंतकुसुमाकर रस को डॉक्टर की सलाह अनुसार ,सटीक खुराक के रूप में समय की सीमित अवधि के लिए लें ।

7.इस औषधि को ठंडी एवं सुखी जगह पर ही रखना चाहिए ।

8.बसंतकुसुमाकर रस लेने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें ।

9.इस औषधि को बच्चों से दूर रखना चाहिए ।

10.वसंत कुसुमाकर रस का प्रभाव अलग-अलग लोगों पर अलग होता है। यदि इस दवा की एक खुराक के बाद दुष्प्रभावों के रूप में अनिद्रा, चक्कर आना, निम्न रक्तचाप या सिरदर्द का अनुभव होता है

बसंतकुसुमाकर रस कैसे प्राप्त करें ? ( How to get Basantkusmakar Ras)

यह योग इसी नाम से बना बनाया आयुर्वेदिक औषधि विक्रेता के यहां मिलता है।

कहाँ से खरीदें  :-  अमेज़ॉन,नायका,स्नैपडील,हेल्थ कार्ट,1mg Offers,Medlife Offers,Netmeds Promo Codes,Pharmeasy Offers,

ध्यान दें :- Dcgyan.com के इस लेख (आर्टिकल) में आपको बसंतकुसुमाकर रस के फायदे, प्रयोग, खुराक और नुकसान के विषय में जानकारी दी गई है,यह केवल जानकारी मात्र है | किसी व्यक्ति विशेष के उपयोग करने से पहले चिकित्सक से परामर्श करना आवश्यक है |

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