स्तन कैंसर के कारण, लक्षण और उपाय | Breast Cancer Causes, Symptoms and Remedies

स्तन कैंसर के कारण, लक्षण और उपाय

स्तनोंका कॅन्सर महिलाओं के लिये महत्त्वपूर्ण तथा संवेदनशील विषय है| भारत में यह अधिक पाया जाता है| लेकिन अच्छी बात यह है कि हम उसे शीघ्र पहचानकर निकाल सकते है| यह कॅन्सर महिलाओंको 35-55 की उम्र में होने की संभावना अधिक होती है|

जॉंच करना

अपने स्तनों की हर माह में एक बार अपने हाथों से जॉंच करना अच्छा होता है| इसके लिये घडी के कांटेनुसार क्रमश; स्तन टटोले | इसमें एकाध गांठ या गोला होने पर विशेष ध्यान दे| लेकिन हर गाठ या गोला कॅन्सर नहीं होता इसका भी ध्यान रखे | आप अपनी स्तन परीक्षा माहवारी के चार-पॉंच दिनों बाद करे, या फिर महिने की निश्चित तारीख को परीक्षा करे| आशंका हो तब डॉक्टर से से मिले |

 क्या है ब्रेस्ट कैंसर? (Breast Cancer-in Hindi)

ब्रेस्ट कैंसर को स्तन कैंसर के नाम से भी जाना जाता है। स्तन कैंसर की शुरूआत तब होती है, जब स्तन में कोशिकाओं का विकास असाधारण रूप से हो जाता है। ये कोशिकाएं आमतौर पर एक ट्यूमर(गांठ) बन जाती हैं, जिसे अक्सर एक्स-रे में देखा जा सकता है या फिर एक गांठ के रूप में महसूस किया जा सकता है।

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ब्रेस्ट कैंसर कितने प्रकार का होता है? (Types of Breast Cancer-in Hindi)

क्या आप यह जानते हैं कि ब्रेस्ट कैंसर मुख्य रूप से 3 प्रकार के होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

1.डक्टल  कार्सिनोमा  इन सीटू (Ductal carcinoma in situ (DCIS) :-

डक्टल कार्सिनोमा इन सीटू, स्तन कैंसर का सबसे सामान्य प्रकार है, जिसमें स्तन में मौजूद दूध वाहिनी में कोशिकाओं का विकास असामान्य तरीके से हो जाता है।

2.इनवेसिव  डक्टल कार्सिनोमा  (Invasive Ductal Carcinoma) :-

इन्वेसिव डक्टल कार्सिनोमा, स्तन कैंसर का ऐसा प्रकार है, जिससे लगभग 80 प्रतिशत महिलाएं पीड़ित होती हैं।

3.इन्वेसिव लोब्यूलर कार्सिनोमा (Invasive Lobular Carcinoma) :-

इस कैंसर को ILC के नाम से भी जाना जाता है।

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ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण (Symptoms of Breast Cancer-in Hindi)

ब्रेस्ट कैंसर के मुख्य रूप से 5 लक्षण होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

1.स्तन में गांठ होना- यह स्तन कैंसर का शुरू आती लक्षण होता है, जिसमें स्तन में गांठ बन जाती है।

2.स्तन में सूजन होना- कई बार स्तन कैंसर की शुरूआत स्तन में सूजन के साथ भी हो जाती है।

3.स्तन में दर्द होना- कुछ महिलाओं में स्तन में दर्द होना स्तन कैंसर का प्रमुख लक्षण हो सकता है।

4.निप्पल पर खुजली होना- कई बार निप्पल पर अधिक खुजली होना स्तन कैंसर का संकेत हो सकता है।

5.स्तन के आकार में बदलाव होना- यदि स्तन के आकार में असामान्य रूप से बदलाव हो जाता है, तो इसे नज़रअदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि यह स्तन कैंसर का लक्षण हो सकता है।

6.स्तन की त्वचा में परिवर्तन भी स्तन कैंसर का एक संकेत हो सकता है। इसमें शामिल है:

  • जलन/त्वचा का लाल होना।

  • त्वचा का मोटा होना।

  • स्तन ऊतक के डिंपलिंग।

  • त्वचा की बनावट में बदलाव

  1. निप्पल में बदलाव:निप्पल से किसी भी तरह के असामान्य तरल निकालने को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। साथ ही, निप्पल का अंदर की ओर को दबना भी स्तन कैंसर का लक्षण हो सकता है। अगर निप्पल में दर्द हो तो उसकी भी चिकित्सा करानी चाहिए।

  1. अंडरआर्म में गांठ:अगर अंडरआर्म में गांठ होती है, तो इसकी स्तनों से संबंधित होने की संभावना बहुत ज़्यादा होती है। स्तन का ऊतक अंडरआर्म्स तक होता है। साथ ही, स्तन के कैंसर हाथों के नीचे मौजूद लिम्फ नोड्स से भी फैल सकते हैं।

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ब्रेस्ट कैंसर होने के कारण (Causes of Breast Cancer-in Hindi)

ब्रेस्ट कैंसर मुख्य रूप से 5 कारणों से हो सकता है-

1.ब्रेस्ट कोशिकाओं का विकास होना- जब किसी महिला के स्तन की कोशिकाओं का विकास असामान्य रूप से हो जाता है, तो यह स्तन कैंसर का कारण बन सकता है।

2.हॉर्मोन बदलाव होना- कुछ महिलाओं में स्तन कैंसर का कारण उनके शरीर में होने वाले हॉर्मोन बदलाव हो सकते हैं।

3.अनियमित जीवन शैली का होना- स्तन कैंसर का प्रमुख कारण जीवन शैली का अनियमित होना भी हो सकता है।

4.अधिक वजन होना- जिस महिला का वजन अधिक होता है, उसमें स्तन कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है, क्योंकि अधिक वजन ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकता है।

5.उच्च कैलोरी होना- जो महिला अधिक मात्रा में कैलोरी का सेवन करती है, उसे स्तन कैंसर हो सकता है।

इसके कुछ कारण इस प्रकार है — स्थूलता अर्थात मोटापा, स्तनभार अधिक होना, खाने में तेल या वसा (Fat) का प्रमाण अधिक होना, गर्भनिरोधक गोलियों का दीर्घ उपयोग, संतान न होना आदि। कुछ अनुवंशिक कारण भी प्रभावशाली है| जो महिलाएँ स्तनपान कम करवाती है उन्हे यह रोग होने की संभावना जादा होती है|

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ब्रेस्ट कैंसर का उपचार कैसे किया जा सकता है? (Treatment Options of Breast Cancer)

ज्यादातर महिलाएं स्तन कैंसर को एक लाइलाज समस्या समझती हैं, लेकिन उन्हें यह पता होना चाहिए स्तन कैंसर का उपचार इन 5 तरीकों से किया जा सकता है-

1.स्तन की जांच करना-  यह स्तन कैंसर का उपचार करने का बुनियादी तरीका है, जिसमें स्तन की जांच करते हुए स्तन कैंसर की स्थिति का पता लगाया जाता है।

2.मैमोग्राम करना-  कई बार स्तन कैंसर का उपचार मैमोग्राम के द्वारा भी किया जाता है। मैमोग्राम में स्तनों का एक्स रे किया जाता है ताकि स्तनों में मौजूद बदलावों का अध्ययन किया जा सके।

3.स्तन का अल्ट्रासाउंट करना-  डॉक्टर स्तन का अल्ट्रासाउंट करके भी स्तन कैंसर का उपचार करते हैं। इस अल्ट्रासाउंड के माध्यम से इस बात का पता लगाया जाता है, कि स्तन कैंसर कितना बढ़ गया है। डॉक्टर स्तन के अल्ट्रासाउंट के परिणाम के आधार पर ही स्तन कैंसर के उपचार को करते हैं।

4.बायोप्सी करना-  आज के दौर में बायोप्सी एक लाभदायक तकनीक बनकर उभरी है, इसका उपयोग स्तन कैंसर के उपचार में भी किया जाता है। बायोप्सी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें शरीर से ऊतकों (tissue) या कोशिकाओं (cells) का सैंपल लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण किया जाता है। शरीर में कुछ विशेष तरह की बीमारियों के निदान के लिए बायोप्सी करायी जाती है।

5.कीमोथेरेपी करना-  स्तन कैंसर के उपचार में कीमोथेरेपी काफी महत्वपूर्ण भाग निभाती है। कीमोथेरेपी कैंसर का उपचार करने का सबसे आम तरीका है। वास्तव में कीमोथेरेपी एक तरह की दवाई होती है, जो कैंसर के सेल्स को समाप्त करने करती है। कीमोथेरेपी के कारण ट्यूमर सिकुड़ जाता है और कैंसर का बढ़ना कुछ समय के लिए रूक जाता है।

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ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम (Side-Effects of Breast Cancer-in Hindi)

किसी भी अन्य बीमारी की तरह ब्रेस्ट कैंसर के भी कुछ जोखिम होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

1.थकान होना–  यह इस समस्या का सबसे आम जोखिम है, जिसमें महिला को काफी थकान महसूस होती है। ऐसा शरीर में मौजूद सेल्स के कमजोर होने के कारण होता है क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को प्रभावित करता है।

2.सिरदर्द होना-  कुछ महिलाओं में स्तन कैंसर होने पर सिरदर्द की शिकायत भी रहती है।

3.दांत से संबंधित परेशानी होना-  कई बार स्तन कैंसर के बाद दांत संबंधी परेशानी भी हो सकती है।

4.ह्रदय संबंधी परेशानी होना-  कुछ महिला को स्तन कैंसर के कारण ह्रदय संबंधी परेशानी में हो जाती है।

5.पूरे शरीर में दर्द होना-  ब्रेस्ट कैंसर के बाद पूरे शरीर में दर्द होना साधारण जोखिम है।

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ब्रेस्ट कैंसर में किस तरह का भोजन करना चाहिए ? (Foods To Eat in Breast Cancer)

स्तन कैंसर में भोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए इस बीमारी से पीड़ित महिला को अपने भोजन पर विशेष ध्यान देना चाहिए और निम्नलिखित तरह के भोजन को ही करना चाहिए-

1.फल और सब्जियां खाना-  स्तन कैंसर से पीड़ित महिला को फल और सब्जियों को खाना चाहिए।

2.फाइबर युक्त भोजन करना-  स्तन कैंसर में फाइबर युक्त भोजन करना लाभदायक साबित होता है।

3.सोयाबिन खाना-  इस समस्या से ठीक होने में सोयाबिन सहायक होता है, इसलिए इसे खाना चाहिए।

4.कम वसा वाला दूध पीना– इस समस्या से पीड़ित महिला को कम वसा वाले दूध को पीना चाहिए।

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ब्रेस्ट कैंसर में किस तरह के भोजन को नहीं करना चाहिए ?(Foods To Avoid in Breast Cancer)

स्तन कैंसर से पीड़ित महिला को निम्नलिखित तरह के भोजन को नहीं करना चाहिए क्योंकि यह उसके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है-

1.पत्तेदार सब्जी न खाना-  स्तन कैंसर से पीड़ित महिला को पत्तेदार सब्जी को नहीं खाना चाहिए क्योंकि यह उसकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है।

2.मिर्ची का सेवन न करना-  इस स्थिति में मिर्ची का सेवन नहीं करना चाहिए।

3.टमाटर का परहेज करना- यदि किसी महिला को स्तन कैंसर है,तो उसे टमाटर को नहीं खाना चाहिए क्योंकि इसका उसकी सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

4.गाजर न खाना-  इस समस्या में गाजर का परहेज करना बेहतर विकल्प होता है।

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ब्रेस्ट कैंसर में कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए? (Precautions of Breast Cancer)

स्तन कैंसर से पीड़ित महिला निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए-

1.शराब का सेवन न करना-  इस समस्या में शराब का सेवन करना नुकसानदायक साबित हो सकता है।

2.ध्रूमपान न करना-  ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिला को ध्रूमपान नहीं करना चाहिए।

3.अपने वजन को नियंत्रित रखना-  महिला को अपने वजन को नियंत्रित रखना चाहिए ताकि वह इस समस्या से जल्दी ठीक हो जाए।

4.नियमित रूप से स्वास्थ की जांच करना-  ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिला को तब तक डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए जब तक डॉक्टर उसे स्वस्थ घोषित न कर दें।

जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि आज कल स्तन कैंसर (Breast Cancer) की समस्या काफी फैल रही है। इससे लगभग हर वर्ग की महिला पीड़ित है। इसी कारण यह एक महत्वपूर्ण विषय बनकर उभरी है। इसके बावजूद ऐसी बहुत सारे महिलाएं भी हैं, जिन्हें स्तन कैंसर की पूर्ण जानकारी नहीं है, इसी कारण वे इसका सही इलाज नहीं करा पाती हैं।

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