चोबचीनी के फायदे और नुकसान | Chobchini ke fayde | health benefits of Chobchini in hindi

चोबचीनी के फायदे और नुकसान | Chobchini ke fayde | health benefits of Chobchini in hindi

चोबचीनी परिचय :-

आयुर्वेद के अनुसार, चोपचीनी एक बहुत ही उत्तम जड़ी-बूटी है, और इसके उपयोग द्वारा अनेक तरह के रोगों की रोकथाम की जा सकती है। आप चोपचीनी के फायदे सिर दर्द, यौन रोग, जोड़ों के दर्द, चर्म रोग के अलावा अन्य कई बीमारियों में ले सकते हैं।

सबसे अच्छे चोपचीनी का रंग लाल या गुलाबी होता है। स्वाद मीठा होता है। यह चमकदार और चिकना होता है। इसमें गांठें और रेशे कम होते हैं। यह भीतर तथा बाहर से एक ही रंग का होता है। यह पानी में डालने पर डूब जाता है। इसके जो टुकड़े वजन में हल्के और सफेद रंग के हों, उनको कच्चा समझना चाहिए। चोपचीनी रक्त विकार और चर्म रोगों के इलाज के लिए बहुत अधिक उपयोगी माना जाता है।

चोबचीनी क्या है (What is Chobchini?)

चोबचीनी एक जाति की लता की जड़ होती हैं जो चीन के तरफ से आती है । इसके टुकड़े प्रायः एक बालिश्त या उससे छोटे बड़े होते हैं। कोई टुकड़ा कम गठान वाला, कोई अधिक गठानों वाला, कोई चिकना, कोई खुरदरा, कोई वजनदार, कोई हलका, कोई सख्त, कोई मुलायम, कोई गुलाबी रंग का, कोई सफेद और कोई काला होता है । इन टुकड़ों में सबसे अच्छी चोबचीनी वही होती है, जिसका रंग लाल या गुलाबी हो, स्वाद मीठा हो, चमदार और चिकनी हो, जिसमें गाँठे कम हो और रेशे न हों । जो भीतर और बाहर से एक रंग की हो, जो स्वाद में कुछ मीठी हो और जो पानी में डालने से डब जाय । जो टुकड़े वजन में हलके और सफेद रंग के हों उनको कच्चे समझना चाहिये । और जो काले रंग के टेढ़े मेढे। और अनेक गठानों वाले हों उनको हलकी जाति के समझना चाहिये ।

अनेक भाषाओं में चोबचीनी के नाम (Chobchini Called in Different Languages)

  • हिंदी :– चोबचीनी, चोपचीनी, तोपचीनी ;

  • संस्कृत नाम :– द्वीपान्त रवचा, अमृतोपहिता ;

  • English :– चाईना रूट (China root),

  • Scientific Names :– Smilax china Linn. (स्माइलेक्स चाईना) Syn-Smilax china var. taiheiensis (Hayata) T. Koyama है, और यह स्माइलैकेसी (Smilacaceae) कुल का पौधा है।

  • Kannada – चिनिपैवू (Cinipavu), चीनी पावू (Chini pavu) ;

  • Gujarati – चोपचीन (Chopchini) ;

  • Telugu – पिरङ्गीचेकका (Pirangichekka), गली चेक्का (Gali chekka) ;

  • Tamil – परङ्गिचेककाई (Parngichekkai), परिङ्गे (Paringay) ;

  • Bengali – तोपचीनी (Topchini), कुमारिका (Kumarika) ;

  • Nepali – चोपचीनी (Chopchini), कुकुरडाईनो (Kukurdieno) ;

  • Punjabi – चोपचीनी (Chobchini) ;

  • Marathi – चोपचीनी (Chopchini) ;

  • Malayalam – चाइना पावू (China pavu), चाईना वैरू (China veru) ;

  • Arabic – कशबचीनी (Kashabchini), अस्लुस्सीनी (Aslussini) ;

  • Persian – चोपचीनी (Chobchini), बेखचीनी (Bekhchini) ;

चोबचीनी  के द्रव्यगुण

  • रस (taste on tongue):- कड़वा और तीखा

  • गुण (Pharmacological Action): गुरु

  • वीर्य (Potency): गर्म

  • विपाक (transformed state after digestion):- मधुर

चोबचीनी से विभिन्न रोगों का सफल उपचार : Chobchini  benefits and Uses (labh) in Hindi

भगन्दर नाशक मोदक-

चोबचीनी का चूर्ण आधी छटाँक, शक्कर आधी छटॉक और घी आधी छटाँक । इन तीनों को मिलाकर इनके दो लड्डू बना लेना चाहिये । एक लड्डु सबेरे और १ लड्डू शाम को खाकर ऊपर से गाय का दूध पीना चाहिये । पथ्य में सिर्फ गेहूँ की रोटी घी, शक्कर और दूघ ही देना चाहिये । १४ दिन तक इस औषधि का सेवन करने से भगन्दर नष्ट हो जाता है । अगर इस दवा के सेवन से शरीर में गर्मी मालूम पड़े तो दवा की मात्रा कम कर देना चाहिये और घी दूध की मात्रा बढ़ा देना चाहिये ।

रक्त शोधक क्वाथ-

चोबचीनी, अनन्त मूल, मज्जीठ, मनाय, हरड़, बहेड़ा, आंवला, नीमगिलोय, नीम की अन्तरछाल, कुटकी, पीपल की अन्तरछाल, दारु हलदी और मुलेठी इन सब को समान भाग लेकर चूर्ण कर लेना चाहिये । इन चूर्ण में से ४ तोला चूर्ण लेकर ६४ तोला पानी में औटाना चाहिये । जब ८ तोला पानी बाकी रह जाय तब छानकर पी लेना चाहिये । इस प्रकार दिन में दो बार इस क्वाथ का सेवन करने से शरीर में फैला हुआ उपदंश का विष दूर हो जाता है । तथा सब प्रकार के रक्त विकार, खाज, खुजली, व्रण, भगन्दर, कुष्ठ, वगैरह रोग नष्ट होते हैं । एक्जिमा के ऐसे केस में जिनमें डाक्टरों ने रोगी का पांव काट डालने की सलाह दी थी इस औषधि के सेवन से आराम होते देखा गया है ।

मदन संजीवन चूर्ण-

जायफल, लवंग, जायपत्री, पीपर, तज, तमालपत्र, इलायची, नागकेशर बहुफली, पीपलामूल, अजवायन, कोंचबीज, से मरमूसली, असगंध, सफेद मूसली, बलाबीज, गोखरू, समुद्र शोष के बीज, धतूरे के बीज, बंशलोचन और मुलेठी । ये सब चीजें एक-एक तोला, चोब चीनी ४० तोला । इन सब औषधियों का बारीक चूर्ण करके रख देना चाहिये । इस चूर्ण में से ३ माशे चूर्ण, ३ माशे शहद और ६ माशे घी के साथ मिलाकर चाटना चाहिये और ऊपर से गाय का दूध पीना चाहिये यह चूर्ण अत्यन्त बलवर्धक और वाजीकरण है । इससे सब प्रकार के वीर्य दोष नष्ट होकर मनुष्य की वीर्यशक्ति बहुत बढ़ती है।

चोब चीनी पाक-

चोबचीनी ४८ तोले, पीपर, पीपरामूल, कालीमिर्च, सूठ, अकरकरा और लौंग, ये सब एक-एक तोला । इन सबके चूर्ण का जितना वजन हो उतनी ही शक्कर की चाशनी में इसका पाक बना लेना चाहिये । इस पाक में से एक-एक तोला सबेरे-शाम लेने से नपुंसकता, व्रण, कूष्ठ, वातरोग, भगन्दर, क्षय इत्यादि रोग दूर होते हैं ।

उपदंश नाशक चूर्ण-

चोब चीनी १६ तोले, मिश्री ४ तोले, पीपर, पीपरामुल, कालीमिर्च, लवंग, अकरकरा, सोंठ, खुरासानी अजवायन, वायबिडङ्ग, दालचीनी, ये सब चीजें एक-एक तोला । इन सबका बारीक, चूर्ण करके इसमें से ६ माशे चूर्ण सुबह, शाम शहद के साथ लेने से रक्त में मिले हुए उपदंश के कीटाणु नष्ट होते हैं। और उपदंश के परिणाम से होने वाले अन्य रोग, जैसे रक्त विकार, संधिवात, गठिा , लकवा, प्रमेह इत्यादि नष्ट होते हैं ।

वीर्य दोष दूर करने में चोबचीनी के फायदे (Benefit of Chopchini in Ejaculation in Hindi)

चोपचीनी के वाजीकर और रसायन गुण के कारण यह वीर्यदोष को दूर करने में भी मदद करता है। 

सिफलिस रोग में चोबचीनी के फायदे (Benefits of Chopchini in Syphilis in Hindi)

उपदंश ऐसी बीमारी है जो कि तीनों में से किसी भी दोष के असंतुलित होने के कारण होती है। ऐसे में चोपचीनी जो कि तीनो दोषों को संतुलित करती है। साथ ही इसमें उपस्थित रसायन गुण के कारण यह इसके लक्षणो को कम करने में मदद करता है।

अस्थमा के इलाज में चोपचीनी फायदेमंद (Chopchini Beneficial to Treat Asthma in Hindi)

चोपचीनी में पाए जाने वाला रसायन गुण अस्थमा रोग के लक्षणों को दूर करने में मदद करता है साथ ही इसमें उष्ण गुण होने के कारण कफ को कम करने में सहायता करता है।

लकवा के इलाज (Paralysis) में चोबचीनी का औषधीय गुण लाभकारी (Chopchini Beneficial to Treat Paralysis in Hindi)

लकवा एक ऐसी बीमारी है जो वात दोष के बढ़ने की वजह से होती है । चोपचीनी में वात को कम करने के गुण के साथ-साथ रसायन गुण भी होता है जो कि इस बीमारी के लक्षणों को कम करने में सहायता कर सकता है।

स्वप्नदोष की समस्या में चोबचीनी के फायदे (Chopchini Beneficial in Nightfall in Hindi)

चोपचीनी के वाजीकर होने के कारण ये शरीर की कमजोरी को दूर कर यह स्वप्नदोष जैसी परेशानियों को भी दूर करता है। इसके नियमित उपयोग से स्वप्नदोष से निजात पाने में मदद मिलती है।

वात रोग से राहत दिलाने में चोपचीनी चूर्ण फायदेमंद (Chopchini Churna Beneficial to Treat Gout in Hindi)

वात व्याधि में चोपचीनी का बहुत अच्छा योगदान होता है। इसमें वात का शमन करने का गुण पाया जाता है जिसके कारण यह इन समस्याओं से बचाने का काम करता है।

पेट दर्द से दिलाये राहत चोबचीनी (Chopchini Beneficial to Get Relief from Stomach Pain in Hindi)dcgyan

पेट दर्द अधिकतर वात या पित्त दोष के असंतुलित होने के कारण होता है। चोपचीनी में वात का शमन करने का गुण होता है जो कि इस पेट दर्द को कम करने में लाभ पहुंचाता है।

कब्ज़ में चोबचीनी के फायदे (Benefits of Chopchini in Constipation in Hindi)dast

कब्ज होने का कारण होता है वात दोष का बढ़ जाना जिससे आँतों में आयी रूक्षता के कारण मल आसानी से बाहर नहीं निकल पाता। चोपचीनी में वात शामक एवं स्नेहन गुण के कारण यह मल को ढीला  कर आसानी से बाहर निकालता है और कब्ज़ को ख़त्म करता है।

घेंघा रोग में चोपचीनी का औषधीय गुण फायदेमंद (Chopchini Powder Benefits in Goiter Treatment in Hindi)

कण्ठमाला (ग्वायटर) रोग में भी चोपचीनी काफी फायदा (Benefits of Chopchini) पहुंचाता है। इसके लिए आप चोपचीनी के 1-2 ग्राम चूर्ण को मक्खन तथा मिश्री के साथ मिलाएं। इसमें शहद मिलाकर खाने से कण्ठमाला (ग्वायटर) रोग में लाभ होता है।

शारीरिक कमजोरी में चोबचीनी का औषधीय गुण लाभदायक (Chopchini Beneficial to Get Relief from Weakness in Hindi)

कई लोगों को शरीर में कमजोरी की शिकायत रहती है। चोबचीनी के फायदे (Benefits of Chopchini) से शारीरिक कमजोरी दूर होती है। 1-2 ग्राम चोपचीनी चूर्ण में दो गुना शक्कर मिलाएं। इसे दूध के साथ सेवन करने से शारीरिक दुर्बलता समाप्त होती है, और बल की वृद्धि होती है।

चोबचीनी के औषधीय गुण से यूरिक एसिड में कमी (Benefits of Chopchini to Reduce Uric Acid Level in Hindi)

  • जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा का बढ़ जाती है तो जोड़ों में दर्द होने लगता है। बढ़ी हुई यूरिक एसिड को नियंत्रण में लाने के लिए चोपचीनी का प्रयोग करना उत्तम होता है। एक ग्राम चोपचीनी के चूर्ण का रोज सुबह और शाम सेवन करें। इससे यूरिक एसिड का स्तर घटता है और दर्द में आराम मिलता है।

  • एक अन्य प्रयोग में चोपचीनी, गिलोय चूर्ण, अर्जुन की छाल का चूर्ण तथा मेथी दाना की 50-50 ग्राम की मात्रा लें। इन सभी को पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को रोज 2 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से यूरिक एसिड की समस्या जड़ से समाप्त होती है।

जोड़ों के दर्द में चोपचीनी के फायदे (Benefits of Chopchini Powder to Treat Joints Pain in Hindi)dcgyan

  • जोड़ों के दर्द की बीमारी में भी आप चोबचीनी के फायदे ले सकते हैं। इसके लिए उसब्वा और चोपचीनी के 25-50 मिली काढ़े में शहद मिला लें। इसे रोज सुबह और शाम सेवन करें। इससे विशेषकर जोड़ों के दर्द में लाभ होता है। इस अवधि में खट्टे पदार्थों का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।

  • गठिया की परेशानी में चोपचीनी 1-2 ग्राम चोपचीनी चूर्ण (chopchini powder) में बराबर भाग अनन्तमूल का चूर्ण मिला लें। इसका सेवन करने से आमवात (गठिया) में लाभ होता है।

  • चोपचीनी का काढ़ा बनाकर 10-20 मिली मात्रा में पिलाने से गठिया में लाभ होता है।

  • चोपचीनी तेल से मालिश करने से गठिया में लाभ होता है।

  • 2-3 ग्राम चोपचीनी चूर्ण को शहद के साथ सेवन करने से पक्षाघात (लकवा), कम्पवात (पार्किन्सन) तथा वात दोष के कारण होने वाली बीमारियां ठीक होती है।

यौन रोग में चोपचीनी के फायदे (Benefits of Chopchini to Cure Syphilis in Hindi)

  • उपदंश या फिरंग को अंग्रेजी में सिफलिस रोग कहते हैं। चोपचीनी का सेवन इस बीमारी में भी फायदेमंद होता है। इसके लिए गोखरू, सोंठ, वायविडङ्ग तथा दालचीनी को समान मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लें। इसे रोज मधु और घी के साथ 5-6 ग्राम की मात्रा में सेवन करें। इससे सिफलिश ठीक हो जाता है। इसके सेवन से डायबिटीज, घाव, गठिया, जोड़ों के दर्द आदि वातरोग एवं कुष्ठ रोग में भी लाभ होता है। इन रोगों के लिए चोपचीनी का इस्तेमाल करते समय आपको खान-पान पर विशेष ध्यान रखना है। ऐसे आहार का सेवन नहीं करना है, जो बीमारी में खाने के लिए मना की गई हो।

  • चोपचीनी का चूर्ण (chopchini powder) -50 ग्राम, पीपर, पिपरामूल, मरिच, सोंठ, अकरकरा तथा लवंग का चूर्ण (प्रत्येक 12-12 ग्राम) और 650 ग्राम शर्करा मिलाएं। इसका 5-10 ग्राम का मोदक (लड्डू) बना लें। इसे रोज सुबह और शाम सेवन करने से सिफलिश, कुष्ठ, वातरोग, धातु रोग आदि में अत्यंत लाभ होता है।

  • 1-2 ग्राम चोपचीनी के चूर्ण में बराबर मात्रा में अनन्त की जड़ का चूर्ण मिला लें। इसका प्रयोग करने से सिफलिश में लाभ होता है।

सिरदर्द में चोबचीनी के फायदे (Chopchini Powder Beneficial to Get Relief from Headache in Hindi)dcgyan

कई लोगों को बराबर सिर दर्द की शिकायत रहती है। ऐसे लोग चोपचीनी के इस्तेमाल से सिर दर्द से राहत पा सकते हैं। चोपचीनी के 1-2 ग्राम चूर्ण (chopchini powder) को मक्खन तथा मिश्री के साथ मिलाएं। इस सेवन करने से सिरदर्द में लाभ होता है।

चर्म रोग में चोपचीनी के फायदे (Chopchini Powder Beneficial in Skin Disease in Hindi)

आप चोबचीनी के फायदे से चर्म रोग को ठीक कर सकते हैं। 1-3 ग्राम चोपचीनी के चूर्ण को शहद के साथ मिलाएं। इसे खाने से त्वचा के विकारों में लाभ होता है।

चोपचीनी के उपयोगी भाग (Useful Parts of Chopchini)

चोपचीनी की जड़

चोबचीनी के सेवन की मात्रा (How Much to Consume Chobchini ?)

काढ़ा10-20 मिली

चूर्ण 3-5 ग्राम

अधिक लाभ लेने के लिए चोपचीनी का प्रयोग चिकित्सक के परामर्शानुसार करें।

चोबचीनी के नुकसान :Side Effects of Chobchini

गर्म प्रकृति वाले लोग (जिनका पेट गर्म रहता हो) चोपचीनी का अधिक मात्रा में उपयोग नहीं करें।

चोपचीनी के सेवन से यदि कोई समस्या हुई हो तो उसे अनार के सेवन से दूर किया जा सकता है।

चोबचीनी कहाँ पे पाया या उगाया जाता है (Where is Chobchini Found or Grown?)

भारत में चोपचीनी (chobchini) पहाड़ी क्षेत्रों जैसे- असम उत्तराखण्ड, पश्चिम बंगाल, मणिपुर एवं सिक्किम में पाया जाता है। यह 1500-2400 मीटर की ऊंचाई पर पाया जाता है। यह चीन, म्यांमार एवं जापान के अतिरिक्त नेपाल में भी पाया जाता है।

दर्पनाशक-

इसके दर्द को नाश करने के लिये अनार उत्तम है।

प्रतिनिधि-

हकीमों के मतानुसार इसका प्रतिनिधि उसबा और वैद्यों के मतानुसार असगन्ध है ।

नोट :- ऊपर बताये गए उपाय और नुस्खे आपकी जानकारी के लिए है। कोई भी उपाय और दवा प्रयोग करने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह जरुर ले और उपचार का तरीका विस्तार में जाने।

Tags:

चोबचीनी के फायदे और नुकसान ,Chobchini ke fayde , health benefits of Chobchini in hindi, चोबचीनी के फायदे, चोबचीनी परिचय, चोबचीनी क्या है, चोबचीनी से रोगों का उपचार, चोबचीनी खाने के फायदे, चोबचीनी का पौधा, चोबचीनी, चोपचीनी के फायदे, तोपचीनी के फायदे, चोबचीनी मीनिंग इन हिंदी,
Share this:
0 0 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments