कुंकुमादि तेल के फायदे , प्रयोग, खुराक और नुकसान | Kumkumadi Tel ke fayde

कुंकुमादि तेल के फायदे , प्रयोग, खुराक और नुकसान | Kumkumadi Tel ke fayde | Kumkumadi Tel benefits,uses,dosage and disadvantages in hindi

आयुर्वेद में कुंकुमादि तेल को चमत्‍कारी अमृत के रूप में पहचाना जाता है। इस औषधीय तेल का उपयोग करने पर आपको त्‍वरित लाभ प्राप्‍त नहीं होता है। लेकिन नियमित रूप से लंबे समय तक उपयोग करने पर यह निश्चित ही स्‍थाई लाभ दिलाता है। आयुर्वेद की अवधारणाओं के आधार पर यह शरीर के भीतर और बाहर अशुद्धियों को साफ करते हुए धीमे और निरंतर तरीके से शरीर की समस्‍याओं को ठीक करता है। इस तरह से आप आयुर्वेदिक लाभ होने के कारण कुंकुमादि तेल का उपयोग कर सकते हैं।

कुंकुमादि तैलम्’ (कुंकुमादि तेल) का विवरण भारत भैषज्य रत्नाकर नामक ग्रन्थ मे दिया गया है । त्वचा की देखभाल के लिए कुंकुमादि तेल का भारत में बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है।

यह तेल  के उपयोग से चेहरे की चमक ,रंगत बरकरार रहती है, यह पूर्णतः आर्युवेदिक योग है व इसमें दाली गई सभी औषधियां त्वचा के लिए बहुत ही लाभप्रद हैं।

कुंकुमादि तेल  त्वचा की चमक बढ़ाने के साथ आँख के निचे काले घेरे, निशान, दाग-धब्बे , झाइयां, मुँहासे जैसी चेहरे की अनेक समस्याओं से भी निजात दिलाता है।

रोज़ाना कुमकुमादि तेल को चेहरे पर लगाने से चेहरे की मलिनता आदि दोष दूर होते हैं। चेहरा कान्तिपूर्ण, तेजस्वी, चिकना और चमकदार होता है।

कुंकुमादि तेल के घटक द्रव्य : Ingredients of Kumkumadi Tailam in Hindi

(घटक द्रव्य )कुंकुमादि तेल किस से बनता है –

1.  केसर – 15 ग्राम

2.  चन्दन – 15 ग्राम

3.  लोध्र – 15 ग्राम

4.  पतंग लकड़ी – 15 ग्राम

5.  लाल चन्दन – 15 ग्राम

6.  अगर – 15 ग्राम

7.   खस – 15 ग्राम

8.    मंजिष्ठ – 15 ग्राम

9.    मुलेठी – 15 ग्राम

10.   तेजपत्ता – 15 ग्राम

11.   पदमाख – 15 ग्राम

12.   कमल फूल – 15 ग्राम

13.   कूठ – 15 ग्राम

14.   हल्दी – 15 ग्राम

15.    गोरोचन – 15 ग्राम

16.   लाख – 15 ग्राम

17.   दारुहल्दी – 15 ग्राम

18.   गेरु – 15 ग्राम

19.    नागकेसर – 15 ग्राम

20.  पलाशफूल – 15 ग्राम

21.   प्रियंगू फूल – 15 ग्राम

22.   बड़ की कोंपल – 15 ग्राम

23.  चमेली के फूल – 15 ग्राम

24.   मोम – 15 ग्राम

25.    सरसों – 15 ग्राम

26.   तुलसी – 15 ग्राम

27.    वच -15 ग्राम

कुंकुमादि तेल बनाने की विधि :-

1.         केसर अलग कर शेष सबको अच्छी तरह कूट पीस कर दो लिटर दूध और चार लिटर पानी में डाल कर उबालें।

2.         दो लिटर बचे तब उतार कर इस काढ़े को उतार लें।

3.         एक लिटर नारियल तेल गरम करें और इसमें थोड़ा थोड़ा काढ़ा डालते रहें और तेल उबालते रहें। जब काढ़ा खत्म हो जाए तब तेल को तब तक             उबालते रहें जब तक सिर्फ़ तेल ही न बचे।

4.         अब इसे उतार लें और केशर को गुलाब जल में घोंट कर इसमें डाल दें।

5.         ठण्डा हो जाए तब छान कर एक शीशी में भर लें। यह कुंकुमादि तेल है।

Advertisements

कुंकुमादि तेल के फायदे और उपयोग : Kumkumadi Tel benefits and Uses (labh) in Hindi

 मुँहासों के उपचार में कुंकुमादि तेल के इस्तेमाल से लाभ

यह तेल में क्लींजिंग प्रभाव होने से यह मुँहासों को रोकने में मदद करता है। इस तेल की नियमित मालिश त्वचा की मृत कोशिकाओं को निकाल त्वचा के वसामय ग्रंथियों के संक्रमण को रोकती है। मुँहासों के इलाज में सेवन की जानेवाली आयुर्वेदिक दवाओं के साथ इस तेल को मुँहासों पर लगाने से मुँहासों के उपचार में मदद मिलती है।

कील, मुंहासे , रामबाण ,घरेलु ,उपचार,Surprising, Home, Remedies, Acne,

 कुंकुमादि तेल का उपयोग फेस मसाज केलिए – Kumkumadi Oil Good For Facial Massage in Hindi

आप अपने चेहरे की मालिश के लिए कुंकुमादि तेल का उपयोग कर सकते हैं। यह सबसे बेहतरीन फेशियल आयल है। अपने चेहरे की मालिश करने के लिए आप इस तेल की 2-3 बूंदे अपने हाथों में लें। इस तेल को अपने चेहरे में लगाएं और अपने चेहरे की हल्के हाथों से मालिश करें। मालिश करने के बाद लगभग 20 मिनिट तक इंतेजार करें और फिर साफ पानी से अपने चेहरे को साफ कर लें। लेकिन यदि आप रात में सोने से पहले इस तेल का उपयोग करें तो यह और अधिक प्रभावी होता है। क्योंकि ऐसा करने से इस तेल के औषधीय गुण पूरी रात आपकी त्वचा का उपचार करते हैं। नियमित रूप से कुछ सप्ताह तक इस तेल का उपयोग करने से आपकी त्वचा की बनावट और रंग में सुधार करता है।

 कुंकुमादि तेल के फायदे घाव उपचार में – Kumkumadi Tel Ke Fayde Ghav Upchar Me in Hindi

जीवाणुरोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों की मौजूदगी के कारण कुंकुमादि तेल के फायदे घाव का उपचार करने में प्रभावी होते हैं। यदि आप मामूली घाव, चोट, खरोंच, जलन या कीट के काटने पर परेशान हैं तो इस औषधीय तेल का उपयोग कर सकते हैं। इस तेल में मौजूद एंटी-इंफ्लामेटरी गुण घाव को शांत करने, जलन को कम करने और सूजन को कम करने में सहायक होते हैं। कुंकुमादि तेल में जीवाणुरोधी गुण होने के कारण यह संक्रमण को फैलने से भी रोक सकता है। इस तेल में मौजूद फ्लेवोनॉइड यौगिक आपके घाव और घाव के निशान को जल्दी ठीक करने में मदद करते हैं। इस तरह से आप अपने घाव के उपचार के लिए कुंकुमादि तेल के फायदे प्राप्त कर सकते हैं।

सभी लोग अपने चेहरे की त्वचा को गोरा बनाना चाहते हैं। लेकिन अधिकांश लोग अपने चेहरे को गोरा बनाने के लिए रासायनिक उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं। जिनके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। लेकिन यदि आप प्राकृतिक रूप से अपने चेहरे को गोरा बनाना चाहते हैं तो कुंकुमादि तेल का इस्तेमाल करें। कुंकुमादि तेल के फायदे आपके चेहरे की त्वचा को गोरा बनाने में प्रभावी होते हैं। इसके अलावा यह आयुर्वेदिक तेल हाइपरपिग्मेंटेशन, ब्लेमिश, काले धब्बे आदि को दूर कर त्वचा की टोन को भी सुधार सकते हैं। जिससे आपको सामान्य से अधिक गोरी त्वचा प्राप्त हो सकती है। इसके अलावा इस तेल के औषधीय गुण त्वचा कोशिकाओं के उचित विकास में भी मदद करते हैं। जिससे त्वचा स्वस्थ, सुंदर और युवा बनी रहती है।

 कुंकुमादि तेल के लाभ डार्क सर्कल्स के लिए – Kumkumadi Oil Benefits for Dark Circles in Hindi

डार्क सर्कल्स आपकी सुंदरता को कम कर सकते हैं। ये आपकी आंखों के नीचे काले घेरे होते हैं जिनका उपचार करने के लिए आप कुंकुमादि तेल का उपयोग कर सकते हैं। आप कुंकुमादि तेल की 4-5 बूंदें लें और इसे अपनी उंगलियों की सहायता से आंख के आसपास काले घेरों पर लगाएं। इसके बाद लगभग 2-5 मिनिट तक उंगलियों से ही प्रभावित क्षेत्र में हल्की मालिश करें। इस तरह से दोनों आंखों में मालिश करने के बाद अपने चेहरे को गर्म पानी और साबुन से साफ कर लें। अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए आप इस विधि को दिन में 2 बार दोहराएं। यह आपको कुछ ही दिनों में डार्क सर्कल्स से छुटकारा दिलाने की प्राकृतिक विधि है।

 कुंकुमादि का इस्तेमाल मुँहासे दूर करे – Kumkumadi Oil Benefits for Prevent Acne in Hindi

यदि आप अपने चेहरे को मुंहासे, ब्लैकहेड्स आदि से मुक्त रखना चाहते हैं तो कुंकुमादि तेल के लाभ ले सकते हैं। प्राचीन समय से ही मुंहासे और अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए आयुर्वेद उपचार में कुंकुमादि तेल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तेल के एंटी-इंफ्लामेटरी, जीवाणुरोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुण मुंहासों का प्रभावी इलाज करने में मदद करते हैं। आपके चेहरे में मुंहासे आने का प्रमुख कारण अधिक मात्रा में प्राकृतिक तेल का उत्पादन हो सकता है। लेकिन इस तेल का उपयोग त्वचा में मौजूद अतिरिक्त तेल और गंदगी को साफ करने, मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने और त्वचा छिद्रों को बंद होने से रोकता है।

जिससे त्वचा में मुंहासे पैरा करने वाले बैक्टीरिया के विकास को रोका जा सकता है। इस तेल में मौजूद एंटी-इंफ्लामेटरी गुण मुंहासों की सूजन और दर्द को भी प्रभावी रूप से दूर कर सकते हैं। इस तरह से आप कुंकुमादि तेल का इस्तेमाल मुंहासों को दूर करने के लिए कर सकते हैं।

कुंकुमादि तेल का प्रयोग झुर्रियों के लिए – Kumkumadi Oil Benefits for Prevent Wrinkles in Hindi

समय से पहले बुढ़ापे के संकेतों में झुर्रियां आना सबसे आम समस्या है। लेकिन आप कुंकुमादि तेल का प्रयोग कर झुर्रियों से निजात पा सकते हैं। क्योंकि कुंकुमादि तेल में औषधीय जड़ी बूटीयों का उपयोग किया जाता है। इन जड़ी बूटीयों में हल्दी, बरबेरिक, चंदन और केसर भी शामिल हैं। इन घटकों में मौजूद एंटीऑक्सीउेंट त्वचा को गोरा, चमकदार और झुर्रियों मुक्त बनाने में मदद करते हैं। एंटीऑक्सीडेंट की उच्च मात्रा होने के कारण कुंकुमादि तेल समय से पहले आने वाले बुढ़ापे के लक्षणों को प्रभावी रूप से दूर करता है। इस औषधीय तेल का एक और लाभ यह है कि आयुर्वेदिक होने के कारण यह किसी भी प्रकार के गंभीर दुष्प्रभाव नहीं देता है।

 कुंकुमादि आयल के फायदे प्राकृतिक सनस्क्रीन के लिए –  Kumkumadi oil For Natural Sunscreen in Hindi

आप अपनी त्वचा की सुरक्षा के लिए कुंकुमादि तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। कुंकुमादि आयल के फायदे आपके लिए प्राकृतिक सनस्क्रीन का काम करते हैं। क्योंकि इसमें केसर और विटामिन ई सहित कई प्रकार के घटक होते हैं। ये सभी घटक त्वचा को सूरज की क्षति से बचाने में मदद करते हैं। कुंकुमादि तेल में एंटीऑक्सीडेंट भी उच्च मात्रा में होते हैं जो त्वचा को यूवी किरणों के नुकसान से बचा सकते हैं। साथ ही कुंकुमादि तेल के औषधीय गुण क्षतिग्रस्त त्वचा के पुनर्जीवित करने में भी मदद करते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि केसर के औषधीय गुण त्वचा के लिए सुरक्षा कवच का काम करते हैं। यदि आप दोपहर में बाहर निकल रहे हैं तो अपने शरीर में कुंकुमादि तेल को लगाकर ही बाहर निकलें। यह तेल त्वचा में सूर्य से होने वाली सभी समस्याओं को रोकने में प्रभावी होता है।

 कुमकुमादि के गुण हाइपरपिग्मेंटेशन दूर करे – Kumkumadi Oil for treat  hyperpigmentation in Hindi

इस तेल का नियमित उपयोग करने वाले लोगों के अनुसार इस तेल का उपयोग हाइपरपिग्मेंटेशन के उपचार में किया जा सकता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें त्वचा के कुछ हिस्से दूसरे हिस्सों की तुलना गहरे रंग के हो जाते हैं। यह समस्या आपके शरीर के छोटे या बहुत बड़े हिस्से को प्रभावित कर सकती है। हाइपरपिग्मेंटेशन के उपचार के लिए इस तेल पर किसी प्रकार के प्रमाणिक सबूत नहीं हैं। फिर आयुर्वेदिक चिकित्सा में यह उपाय बहुत ही लोकप्रिय है। ऐसा माना जाता है कि अपने शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण यह कुमकुमादि के गुण हाइपरपिग्मेंटेशन दूर करने में सक्षम होते हैं।

 कुंकुमादि तेल का उपयोग प्रतिरक्षा बढ़ाए – Kumkumadi Oil for boost immunity in Hindi

यह तेल में एंटीऑक्सीडेंटों की उच्च मात्रा होने के साथ ही गांभारी (gambhari) नामक तत्व भी मौजूद होता है। कुंकुमादि तेल का उपयोग आपकी प्रतिरक्षा शक्ति को बढ़ाने में सहायक होता है। क्योंकि इस तेल में ल्यूटोलिन और बेंजोइक एसिड भी होता है। इसके अलावा इसमें उपयोग किये जाने वाले तिल के तेल में भी एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं यह तेल अन्य कई पोषक तत्वों का स्रोत होता है। तिल के तेल में आवश्यक फैटी एसिड, विटामिन ई आदि भी होते हैं। जो हानिकारक फ्री रेडिकल्स त्वचा कोशिकाओं की रक्षा करते हैं। नियमित रूप से इस तेल का उपयोग करने पर यह त्वचा कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने में मदद करता है। आप इस तेल को अपनी त्वचा में लगा सकते हैं जिससे यह समय से पहले आने वाली झुर्रियों और धब्बों को प्रभावी रूप से दूर कर सकता है।

 कुमकुमादि तेलम के लाभ सूजन के लिए – Kumkumadi tailam as Anti-Inflammatory in Hindi

यह तेल कई प्रकार की औषधीयों का मिश्रण होता है। इसमें उपयोग किए जाने वाली अधिकांश जड़ी बूटीयों में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं। यदि इस तेल के साथ बकरी के दूध का उपयोग किया जाता है तो यह सूजन को अधिक प्रभाविता से रोक सकता है। कुंकुमादि तेल में मिलाएं जाने वाले अधिकांश घटक जैसे बेल, हल्दी, केसर, यूरिया पिक्टा और ब्रिहाती शामिल हैं। इन सभी घटकों के पोषक तत्वों की मौजूदगी के कारण यह एक्जिमा और सोरायसिस जैसी पुरानी सूजन संबंधी समस्याओं का इलाज करने में सफल होता है। इसके अलावा इस तेल से मालिश करने पर गठिया के दर्द और सूजन से भी राहत मिल सकती है। कुंकुमादि तेलम के लाभ प्राप्त करने के लिए गठिया रोगी नियमित रूप से इस तेल से मालिश कर सकते हैं।

 सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने में कुंकुमादि तेल का उपयोग फायदेमंद

kumkumadi कुंकुमादि तेल में उपस्थित केसर का होना एक प्राकृतिक सन्सक्रीम का काम करता है। एक रिसर्च के अनुसार केसर पराबैंगनी किरणों (ultraviolet rays) को अपने में अवशोषित करती है जिससे हमारी त्वचा सूरज की हानिकारक किरणों से बचती है।

Advertisements

कुंकुमादि तेल का उपयोग कैसे करें – How To Use Kumkumadi Oil in Hindi

जैसा कि हम जानते हैं कि कुंकुमादि तेल में औषधीय गुण और पोषक तत्‍वों की उच्‍च मात्रा होती है। इसलिए इसका उपयोग बहुत ही सावधानी से करना चाहिए। कुंकुमादि तेल का इस्‍तेमाल करने के लिए कुछ सामान्‍य से निर्देश इस प्रकार हैं।

·         यह तेल केवल बाहरी उपयोग के लिए इस्‍तेमाल किया जाता है।

·         इस तेल का इस्‍तेमाल करने से पहले अपने चेहरे को धो लें और अच्‍छी तरह से सुखाने के बाद तेल लगाएं।

·         तेल को अपने हाथों में लेने से पहले अपने हाथों को साबुन से अच्‍छी तरह धो लें।

·         अपनी उंगलियों में तेल की कुछ मात्रा लें और लगभग 10 – 15 मिनिट तक अपने चेहरे की गोलाकार गति में मालिश करें।

·         बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए रात में इस तेल से चेहरे की मालिश करें।

·         आप रोजाना नियमित रूप से दिन में 2 बार इस तेल से चेहरे की मालिश कर सकते हैं।

·         चेहरे में लगाने के बाद कम से कम 1-2 घंटे के बाद ही चेहरे को धोना चाहिए, यदि आपको किसी प्रकार की एलर्जी न हो तो।

Advertisements

कुंकुमादि तेल के नुकसान (Side Effects of Kumkumadi Tel):-

औषधीय उपयोग के लिए इस्‍तेमाल किये जाने वाले कुंकुमादि तेल के अब तक कोई दुष्‍प्रभाव ज्ञात नहीं हैं। हालांकि सभी लोगों की त्‍वचा एक सी नहीं होती है, इसलिए सभी लोगों में इस तेल के प्रभाव कुछ अलग-अलग हो सकते हैं।

  • कुछ लोगों को इस तेल में उपयोग की जाने वाली कई प्रकार की जड़ी बूटीयों से एलर्जी हो सकती है।

  • यदि इस तेल के उपयोग के दौरान आपको त्‍वचा में दाने, धब्‍बे, खुजली, चकते या अन्‍य त्‍वचा संबंधी समस्‍या हो तो इसका उपयोग तुरंत ही बंद कर देना चाहिए।

  • कुंकुमादि तेल का उपयोग करने से आपकी त्‍वचा अधिक तैलीय हो जाती है तब भी इस तेल का उपयोग आपको बंद कर देना चाहिए।

  • इस तेल का अपने चेहरे पर उपयोग करने से पहले आपको एक पैच परीक्षण करना चाहिए। इस परीक्षण में आपके शरीर में किसी अन्‍य बहुत छोटे से हिस्‍से में तेल का उपयोग करना चाहिए। यदि तेल का उपयोग करने से आपको किसी प्रकार की समस्‍या नहीं होती है तब ही इसे अपने चेहरे पर उपयोग करें। अन्‍यथा इसका इस्‍तेमाल चेहरे की त्‍वचा में न करें।

  • कई प्रकार की जड़ी बूटीयों के कारण यह तेल बहुत ही लाभकारी होता है। लेकिन जहां तक संभव हो इस तेल को अपनी त्वचा में अधिक देर तक न लगाएं।

  • नाक में इसका नस्य के रूप में उपयोग से पहले अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य ले।

कुंकुमादि तेल कैसे प्राप्त करें ? ( How to get Kumkumadi Tel)

यह योग इसी नाम से बना बनाया आयुर्वेदिक औषधि विक्रेता के यहां मिलता है।

कहाँ से खरीदें  :-  अमेज़ॉन,नायका,स्नैपडील,हेल्थ कार्ट,1mg Offers,Medlife Offers,Netmeds Promo Codes,Pharmeasy Offers,

ध्यान दें :- Dcgyan.com के इस लेख (आर्टिकल) में आपको कुंकुमादि तेल के फायदे, प्रयोग, खुराक और नुकसान के विषय में जानकारी दी गई है,यह केवल जानकारी मात्र है | किसी व्यक्ति विशेष के उपयोग करने से पहले चिकित्सक से परामर्श करना आवश्यक है |

Tags:-

Ayurveda,Ayurved,Health,Health Benefits,Natural Remedies,Home Remedies,Ayurvedic Treatment,Ayurvedic medicine,Maharishi Ayurveda,dcgyan,dcgyan.com, Kumkumadi Tel ke fayde,कुंकुमादि तेल के फायदे,कुंकुमादि तेल प्रयोग,कुंकुमादि तेल की खुराक, कुंकुमादि तेल के नुकसान,कुंकुमादि तेल के सेवन की मात्रा, कुंकुमादि तेल के सेवन का तरीका,कुंकुमादि तेल के नुकसान,कुंकुमादि तेल कैसे प्राप्त करें, Kumkumadi Tel benefits,Kumkumadi Tel uses,Kumkumadi Tel dosage, Kumkumadi Tel disadvantages,health benefits of Kumkumadi Tel,health benefits of Kumkumadi Tel in hindi ,in hindi,How Much to Consume Kumkumadi Tel,How to Use Kumkumadi Tel, Side Effects of Kumkumadi Tel,How to get Kumkumadi Tel,Kumkumadi Tel,कुंकुमादि तेल,

अन्य लेख (Other Articles)

Share this:
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments